नई दिल्ली। 4 अगस्त 2025
जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब कश्मीर पहुंचना और आसान हो जाएगा, क्योंकि केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) मिलकर पठानकोट से उधमपुर के बीच की दूरी को लगभग आधी करने जा रहे हैं। इसके तहत घाटी में दो नए फोरलेन हाईवे बनने जा रहे हैं, जिससे आवागमन न केवल सुगम होगा बल्कि यात्रा का समय भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना से पठानकोट-उधमपुर मार्ग, जो वर्तमान में 213 किलोमीटर का है, उसे घटाकर महज 110 किलोमीटर करने की योजना है। इससे जम्मू-कश्मीर और विशेषकर श्रीनगर व आसपास के क्षेत्रों तक सामरिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। जम्मू से श्रीनगर तक की दूरी को भी काफी हद तक छोटा किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों और आम लोगों को यात्रा में समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
दोनों नए फोरलेन प्रोजेक्ट — पहला फोरलेन हाईवे Dayalachak to Basohli to Bani to Bhaderwah to Doda, और दूसरा Lakhanpur to Bani to Bhaderwah to Doda to Kishtwar तक प्रस्तावित है। ये दोनों सड़कें बेहद चुनौतीपूर्ण और पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती हैं, इसलिए इनके निर्माण में उन्नत तकनीक और मजबूत इंजीनियरिंग की जरूरत होगी।
इस परियोजना का एक बड़ा लाभ यह होगा कि सुरक्षा बलों की तैनाती और सैन्य रसद की आवाजाही तेज़ और सुरक्षित हो पाएगी, जो सीमा से सटे राज्यों में अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, दुर्गम गांवों और कस्बों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह लाइफलाइन साबित होगी, जो अब तक मुख्यधारा से कटे हुए थे।
केंद्र सरकार और एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट को ‘गति शक्ति मिशन’ के अंतर्गत प्राथमिकता दी है, और उम्मीद है कि वर्ष 2028 तक यह पूरी तरह से चालू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुनियादी ढांचे को लेकर जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, यह उन्हीं का हिस्सा है।
नतीजा यह होगा कि जहां एक तरफ कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं जम्मू और लद्दाख तक के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा और तेज आवाजाही का लाभ मिलेगा। यह परियोजना न सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट है, बल्कि यह कश्मीर के विकास, सुरक्षा और पर्यटन को नई रफ्तार देने वाली पहलों में से एक मानी जा रही है।




