नई दिल्ली
29 जुलाई 2025
देश की प्रमुख आईवियर कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड के आईपीओ दस्तावेजों में एक दिलचस्प और अप्रत्याशित जानकारी सामने आई है। कंपनी के प्रमोटर और ग्लोबल सोर्सिंग हेड सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गुम हो गई हैं। यह खुलासा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंपे गए Draft Red Herring Prospectus (DRHP) में किया गया है।
क्या कहा गया है आईपीओ डॉक्युमेंट में?
लेंसकार्ट ने सेबी को बताया है कि सुमीत कपाही दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई कर चुके हैं, लेकिन वह अपनी डिग्री और मार्कशीट की प्रतियां ढूंढ़ पाने में असमर्थ रहे हैं। डॉक्युमेंट में कहा गया है कि कपाही ने विश्वविद्यालय को कई ईमेल और पत्र भेजे हैं, साथ ही वेबसाइट पर भी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है।
डॉक्युमेंट में यह भी साफ कहा गया है कि “इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि विश्वविद्यालय समय पर या कभी भी जवाब देगा या कपाही अपनी शैक्षणिक योग्यताओं से जुड़े दस्तावेज़ ढूंढ पाएंगे।”
आईपीओ में 2,150 करोड़ रुपये के नए शेयर
लेंसकार्ट के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ में कुल ₹2,150 करोड़ के फ्रेश इश्यू और 13.22 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) शामिल है। प्रमोटरों के साथ-साथ कई बड़े निवेशक जैसे SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd., Schroders Capital Private Equity Asia Mauritius Ltd., और Kedara Capital Fund II LLP भी OFS के तहत हिस्सेदारी बेचेंगे।
लेंसकार्ट: एक युवा ब्रांड की कहानी
2008 में स्थापित लेंसकार्ट ने 2010 में ऑनलाइन सेलिंग से शुरुआत की थी और 2013 में दिल्ली में अपना पहला रिटेल स्टोर खोला था। आज यह कंपनी आईवियर के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ब्रांडिंग और रिटेल सेल के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुकी है।
क्या निवेशकों पर पड़ेगा असर?
हालांकि कपाही की डिग्री गुम होने की बात निवेशकों के लिए चौंकाने वाली हो सकती है, लेकिन कंपनी ने इसे पारदर्शिता के साथ सेबी के सामने रखा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जब तक कपाही की भूमिका में कोई बाधा नहीं आती और कंपनी की संचालन क्षमता पर असर नहीं पड़ता, तब तक यह मुद्दा IPO की सफलता पर बड़ा असर नहीं डालेगा।




