पटना, बिहार –28 जुलाई 2025 केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने एक बार फिर बिहार की नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को ‘गंभीर’ बताया है। हाल ही में एंबुलेंस में हुई बलात्कार की घटना के बाद चिराग ने कहा कि “बिहार में अपराध बेलगाम है और शासन तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एनडीए सरकार को समर्थन देने के पीछे उनकी “राजनीतिक मजबूरियां” हैं, लेकिन जनहित में चुप रहना अब संभव नहीं।
चिराग के इस बयान से जहां विपक्षी दलों — कांग्रेस और राजद — को हमले का अवसर मिला, वहीं जदयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जदयू नेताओं ने कहा कि “अगर चिराग को एनडीए में रहना असहज लग रहा है तो वे दागी लोगों के साथ जाने के लिए स्वतंत्र हैं।”
भाजपा हालांकि इस विवाद में फिलहाल संभलकर बोल रही है, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी आंतरिक संतुलन बनाए रखना चाहती है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, चिराग का यह रुख उन्हें एनडीए में असहज करने की एक रणनीति हो सकती है।
विपक्ष ने चिराग के बयानों को “सत्य का बयान” करार देते हुए दोहराया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य प्रशासन पर नियंत्रण खो चुके हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनाव से पहले चिराग पासवान की यह आक्रामक रणनीति उन्हें पिछड़े वर्गों और युवाओं के बीच अधिक समर्थन दिला सकती है। वहीं यह NDA में फूट की संभावनाओं को भी जन्म दे रही है।
बिहार में बढ़ते अपराध और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चिराग पासवान की टिप्पणी सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक पुनर्संयोजन का संकेत भी मानी जा रही है। NDA के भीतर इस बगावत के मायने गहरे हैं — और चुनाव से पहले इसका असर दिख सकता है।




