शिक्षा/ अपराध/ महाराष्ट्र | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 21 सितंबर 2026
IIT-Bombay में 22 वर्षीय छात्र साहिल की मौत के बाद घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। एक तरफ संस्थान ने छात्र की मौत की परिस्थितियों को लेकर दिए गए अपने शुरुआती बयान पर माफी मांगी है, वहीं अब Dean (Administrative Affairs) Professor Suryanarayana Doolla को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। इसी बीच मुंबई पुलिस ने मामले की जांच Crime Branch को सौंप दी है। लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के बीच IIT-Bombay परिसर में छात्रों का विरोध और मृत छात्रों के लिए श्रद्धांजलि का सिलसिला भी जारी है।
IIT-Bombay के Director Professor Shireesh Kedare ने अधिकारियों को भेजे आधिकारिक ईमेल में Professor Doolla को Dean के पद से हटाए जाने की जानकारी दी। संस्थान ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें हटाने का सीधा संबंध छात्र साहिल की मौत से है या यह प्रशासनिक स्तर पर लिया गया अलग फैसला है। इसलिए इस फैसले को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संस्थान की ओर से विस्तृत कारण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
साहिल IIT-Bombay में दूसरे वर्ष का छात्र था और 19 सितंबर को Powai परिसर में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद संस्थान की ओर से छात्र की मौत की परिस्थितियों को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाने की घटना से जोड़ते हुए जानकारी सामने आई थी। इस शुरुआती बयान के बाद परिसर में छात्रों का विरोध शुरू हुआ और घटना को लेकर संस्थान की ओर से दी गई जानकारी तथा पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे।
अब IIT-Bombay ने अपने पहले बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। संस्थान ने सोशल मीडिया पर कहा कि साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की परिस्थितियों को लेकर पहले दिए गए बयान के लिए उसे खेद है। इसके साथ ही मामले की जांच Crime Branch को सौंपे जाने से जांच का दायरा भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों तथा उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोमवार को मुंबई में छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने कैंडललाइट प्रदर्शन कर मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। परिसर में छात्रों के बीच घटना को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से मामले की जांच और संस्थान के प्रशासनिक रवैये को लेकर सवाल उठाए गए।
मामले में एक अन्य पहलू भी सामने आया है। IIT-Bombay के एक फैकल्टी सदस्य के खिलाफ एक छात्र की मौत से जुड़े मामले में जातिगत उत्पीड़न के आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना आरोपों के साबित होने के बराबर नहीं है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से स्पष्ट होगी।
घटना के बाद IIT-Bombay के Director Professor Shireesh Kedare के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई थीं। संस्थान ने इन खबरों का खंडन किया और कहा कि Director के इस्तीफे से जुड़ी रिपोर्ट सही नहीं हैं। यानी एक तरफ संस्थान ने छात्र की मौत से जुड़े अपने शुरुआती बयान पर माफी मांगी है, दूसरी तरफ Director के इस्तीफे की खबरों को खारिज किया है और अब Dean Professor Doolla को पद से हटाने का फैसला सामने आया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि साहिल की मौत से पहले और बाद की घटनाओं का वास्तविक क्रम क्या था। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर क्या हुआ, उसके बाद संस्थान में क्या कार्रवाई हुई, छात्र के साथ किस स्तर पर बातचीत हुई और मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं—इन सभी सवालों का जवाब जांच से सामने आना बाकी है। किसी एक घटना को तुरंत मौत का कारण मान लेना उचित नहीं होगा।
इस मामले में Crime Branch की जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्र की मौत से जुड़ी पूरी परिस्थितियों को अलग-अलग पहलुओं से देखा जाना जरूरी है। उपलब्ध CCTV फुटेज, संस्थान के रिकॉर्ड, संबंधित छात्रों और अधिकारियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना जांच का अहम हिस्सा होगा।
IIT-Bombay की ओर से शुरुआती बयान पर माफी और Dean को पद से हटाने का फैसला ऐसे समय में आया है जब छात्र समुदाय संस्थान से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है। हालांकि Dean को हटाए जाने के फैसले के पीछे संस्थान ने अभी विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया है, इसलिए इस प्रशासनिक फैसले को छात्र की मौत की किसी तय जिम्मेदारी से सीधे जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी।
साहिल की मौत का सच किसी शुरुआती बयान, किसी आरोप या किसी प्रशासनिक फैसले से अकेले तय नहीं होगा। अब नजर Crime Branch की जांच पर है। IIT-Bombay ने अपने पहले बयान पर माफी मांग दी है, Dean को तत्काल पद से हटा दिया गया है और जांच आगे बढ़ रही है। अब सबसे जरूरी है कि जांच से घटना की पूरी कड़ी और छात्र की मौत से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होकर सामने आएं।



