राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। जेएनयू की पीएचडी शोधार्थी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की कार्यकर्ता नेहा बोरा ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को हटाने के बाद अन्य भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को भी हिरासत में लेने और प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की।
नेहा बोरा ने कहा कि वह 21वें दिन भी अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखेंगी। उनके मुताबिक, शनिवार सुबह करीब सात बजे कुछ लोग सादे कपड़ों में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और कुछ ही देर बाद भारी पुलिस बल वहां आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सोनम वांगचुक को चिकित्सकीय देखभाल के नाम पर जबरन वहां से हटाया गया।
नेहा बोरा ने दावा किया कि इसके बाद पुलिस और रैपिड फोर्स के जवान छात्रों के टेंट तक पहुंच गए और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को भी हिरासत में लेने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद स्वयंसेवकों के विरोध के कारण पुलिस ऐसा नहीं कर सकी। उनके अनुसार, “शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन को इस तरह खत्म करने की कोशिश बेहद शर्मनाक है।”
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार पिछले 21 दिनों से छात्रों और सोनम वांगचुक की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, वहीं दूसरी ओर अनशनकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल भेजने की कोशिश कर रही है। नेहा ने छात्रों और आम लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि “यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।”
उधर, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पूरी प्रक्रिया संयम के साथ पूरी की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया है।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि नेहा बोरा, आमीन और मनीष सहित अन्य छात्र अब भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शेष अनशनकारियों को हटाए जाने की आशंका के बीच उनके चारों ओर मानव श्रृंखला भी बनाई।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार वास्तव में वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित होती, तो उन्हें सम्मानपूर्वक अस्पताल ले जाया जाता। दिपके ने देशभर के लोगों से अपने-अपने शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।
यह आंदोलन 20 जून से जारी है। सोनम वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए थे और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।



