राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 जून 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के नए रिकॉर्ड को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। एक वायरल पोस्ट में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए कई दावे किए गए हैं, जिसके बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि नेहरू को विभाजन और आर्थिक चुनौतियों से जूझता भारत मिला था, जबकि नरेंद्र मोदी को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत मिला। पोस्ट में नेहरू के कार्यकाल में स्थापित संस्थानों जैसे IIT, IIM और AIIMS का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है, वहीं मोदी सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की गई है।
पोस्ट में यह भी कहा गया है कि केवल कुछ दिनों तक अधिक समय तक प्रधानमंत्री बने रहने से कोई नेता नेहरू की ऐतिहासिक विरासत की बराबरी नहीं कर सकता। इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेहरू और मोदी की तुलना अलग-अलग ऐतिहासिक, आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों में हुई है। एक ओर नेहरू को स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण की चुनौती का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर मोदी का कार्यकाल वैश्वीकरण, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के दौर में रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों नेताओं के योगदान और नीतियों का मूल्यांकन अलग-अलग संदर्भों में किया जाना चाहिए। वहीं सोशल मीडिया पर चल रही बहस ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में नेहरू बनाम मोदी विमर्श को केंद्र में ला दिया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नए रिकॉर्ड के साथ आने वाले दिनों में इस तरह की वैचारिक और राजनीतिक बहसें और तेज होने की संभावना है।




