राष्ट्रीय/नई दिल्ली | राजनीतिक ब्यूरो | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 8 जून 2026
विपक्षी गठबंधन INDIA की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच नई दिल्ली में हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। ऐसे समय में जब विपक्षी गठबंधन बदलते राजनीतिक समीकरणों, चुनावी चुनौतियों और आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है, दोनों नेताओं की यह बैठक विपक्षी एकजुटता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुलाकात को “सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक” बताते हुए कहा कि इसमें देश की राजनीतिक परिस्थितियों और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। पार्टी की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि नेताओं ने “आगे की राह” पर विचार-विमर्श किया। हालांकि बैठक के एजेंडे का औपचारिक विवरण साझा नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन की आगामी रणनीति, संसद में विपक्ष की भूमिका, राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरण और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा अभियान जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे होंगे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सोमवार को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के 23 दलों की बैठक प्रस्तावित है। कांग्रेस ने दावा किया है कि गठबंधन के 23 सहयोगी दल बैठक में भाग लेंगे और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करेंगे। हालांकि हाल के विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी खेमे में शक्ति संतुलन बदलता दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में DMK जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को झटके लगने के बाद विपक्षी राजनीति नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात को विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल दोनों ही राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत क्षेत्रीय नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों नेता पहले भी कई अवसरों पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक साझा मंच पर दिखाई दे चुके हैं। हाल के वर्षों में संघीय ढांचे, राज्यों के अधिकार, आर्थिक नीतियों, केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर दोनों दलों ने समान रुख अपनाया है। यही कारण है कि उनकी यह मुलाकात विपक्षी एकता के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
विपक्षी गठबंधन INDIA फिलहाल कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। कुछ सहयोगी दलों के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सीट बंटवारे जैसे मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। इसके बावजूद अधिकांश विपक्षी दल यह मानते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के मुकाबले एक साझा मंच बनाए रखना आवश्यक है। ममता बनर्जी और केजरीवाल की मुलाकात को इसी व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां विपक्षी दल अपने मतभेदों को पीछे छोड़कर साझा एजेंडा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में संसद के आगामी सत्र, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, किसानों के मुद्दे और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों का मानना है कि इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाकर जनता के बीच अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचा जा सकता है। यही कारण है कि INDIA गठबंधन की बैठक से पहले प्रमुख नेताओं के बीच लगातार संपर्क और विचार-विमर्श जारी है।
नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे देश की नजर विपक्षी गठबंधन की आगामी बैठक पर टिकी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी दल साझा रणनीति और एकजुटता का मजबूत संदेश देने में सफल होते हैं तो यह आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात ने यह संकेत अवश्य दिया है कि विपक्षी खेमे में संवाद और समन्वय की प्रक्रिया जारी है तथा भाजपा के खिलाफ एक व्यापक राजनीतिक मोर्चा तैयार करने की कोशिशें तेज हो चुकी हैं।




