राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 5 जून 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों को साफ संदेश देते हुए कहा है कि जनता ने उनकी सरकार को बदलाव और सुशासन के लिए चुना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग या अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई मंत्री या अधिकारी जनता के विश्वास को तोड़ता है तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनकी इस सख्त चेतावनी को नई सरकार के प्रशासनिक तेवर के रूप में देखा जा रहा है।
चेन्नई सचिवालय में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने सरकार की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। बैठक में चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों सहित 436 विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से काम करने और जनता को परिणाम दिखाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की सफलता केवल घोषणाओं से नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले कामों से तय होगी।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विजय ने मंत्रियों से कहा कि सत्ता किसी विशेषाधिकार का नाम नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी मंत्री यह न समझे कि चुनाव जीतने के बाद उसे मनमानी करने की छूट मिल गई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। इससे पहले भी विजय सार्वजनिक मंचों से यह संदेश दे चुके हैं कि सरकार में केवल एक ही सत्ता केंद्र होगा और वह जनता के प्रति जवाबदेह प्रशासन चाहते हैं।
नई सरकार ने सत्ता संभालते ही कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित योजनाओं को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने गृह, पुलिस और लोक प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं, जिससे साफ है कि वह शासन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सीधे नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सरकार में जवाबदेही सुनिश्चित करने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।
तमिलनाडु की राजनीति में छह दशक बाद द्रविड़ दलों के वर्चस्व को समाप्त कर सत्ता में आई TVK सरकार पर जनता की अपेक्षाएं काफी अधिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय किसी भी तरह की नकारात्मक छवि बनने से बचना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में स्पष्ट कर दिया कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी मंत्री, विधायक या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि विजय अपनी सरकार को अनुशासित, पारदर्शी और परिणाम आधारित प्रशासन के मॉडल के रूप में पेश करना चाहते हैं। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि मुख्यमंत्री की चेतावनी का असर सरकारी कामकाज पर कितना दिखाई देता है और उनकी सरकार चुनावी वादों को कितनी तेजी से जमीन पर उतार पाती है।




