अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काबुल | 30 मई 2026
अफगानिस्तान में एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं। पाकिस्तान से अपने वतन लौट रहे अफगान नागरिकों से भरा एक ट्रक पूर्वी अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया, जिससे 10 बच्चों समेत 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में 29 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह दुर्घटना जलालाबाद और काबुल को जोड़ने वाले मार्ग पर हुई, जहां पाकिस्तान से लौट रहे परिवार ट्रक में सवार होकर अपने घरों की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक के पलटते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर बिखरे सामान, घायल बच्चों और परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
लघमान प्रांत के प्रशासन ने पुष्टि की है कि मृतकों में 10 बच्चे, पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार ट्रक में कई परिवार अपने घरेलू सामान के साथ सफर कर रहे थे। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार, सड़क की खराब स्थिति और वाहन पर अत्यधिक भार को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान में प्रवासियों के खिलाफ सख्त नीतियों के चलते बड़ी संख्या में अफगान नागरिक अपने देश लौट रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक लगभग 4.47 लाख अफगान नागरिक पाकिस्तान से वापस अफगानिस्तान लौट चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान में सड़क सुरक्षा लंबे समय से एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। दशकों के संघर्ष और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण कई राजमार्ग खराब हालत में हैं। इसके अलावा वाहनों की तकनीकी खामियां, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह मानी जाती हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी पश्चिमी अफगानिस्तान में ईरान से लौट रहे प्रवासियों को ले जा रही एक बस की दुर्घटना में 78 लोगों की जान चली गई थी। ताजा हादसे ने एक बार फिर प्रवासी परिवारों की सुरक्षा और अफगानिस्तान की जर्जर सड़क व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस त्रासदी ने उन परिवारों को सबसे बड़ा झटका दिया है जो वर्षों बाद अपने देश लौटने की उम्मीद और नए जीवन के सपने लेकर सफर कर रहे थे। लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही कई जिंदगियां सड़क पर बिखर गईं।




