अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान | 30 मई 2026
पूर्व IRGC प्रमुख का बड़ा बयान, अमेरिका को दी गंभीर चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व प्रमुख मोहसिन रज़ाई ने अमेरिका को खुली और कड़ी चेतावनी दी है। चीनी मीडिया CGTN को दिए एक इंटरव्यू में रज़ाई ने कहा कि यदि अमेरिका युद्ध की नीति पर आगे बढ़ता रहा तो वह “एक ऐसी अंधेरी सुरंग में प्रवेश कर जाएगा जिसका कोई अंत नहीं है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका तथा उसके सहयोगी देशों की गतिविधियों पर ईरान लगातार नजर बनाए हुए है।
रज़ाई के बयान को केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि ईरान की रणनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि युद्ध का विस्तार न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करेगा बल्कि अमेरिका को भी लंबे और महंगे संघर्ष में उलझा सकता है।
समुद्री नाकेबंदी तोड़ने का दावा, बातचीत या कार्रवाई दोनों विकल्प खुले
मोहसिन रज़ाई ने अपने इंटरव्यू में कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर अपने समुद्री मार्गों और व्यापारिक हितों को प्रभावित नहीं होने देगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समुद्री नाकेबंदी जारी रहती है तो ईरान अमेरिका को उसे हटाने के लिए मजबूर करेगा, चाहे वह बातचीत के माध्यम से हो या फिर सीधे कदम उठाकर।
यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस व्यापार इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में समुद्री नाकेबंदी या सैन्य टकराव की किसी भी आशंका का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
ईरान का संदेश: दबाव की राजनीति अब स्वीकार नहीं
रज़ाई ने संकेत दिया कि ईरान अब केवल प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के सहारे अपनी नीतियां बदलने वाला नहीं है। उनका कहना है कि वर्षों से आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव का सामना करने के बावजूद ईरान ने अपनी क्षेत्रीय और सामरिक क्षमताओं को मजबूत किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अमेरिकी प्रशासन और उसके सहयोगियों को यह संदेश देने का प्रयास है कि ईरान किसी भी प्रकार के सैन्य या आर्थिक दबाव के सामने झुकने के बजाय जवाबी रणनीति अपनाने को तैयार है। यही कारण है कि तेहरान की ओर से लगातार ऐसे बयान सामने आ रहे हैं जो क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में उसके आत्मविश्वास को दर्शाते हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ सकता है तनाव
पूर्व IRGC प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और तनाव कम करने को लेकर विभिन्न स्तरों पर बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर अविश्वास अभी भी बना हुआ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आक्रामक रुख अपनाने के आरोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो पश्चिम एशिया में नया सैन्य संकट पैदा हो सकता है, जिसका असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ेगा।
अमेरिका-ईरान टकराव पर दुनिया की नजर
मोहसिन रज़ाई की चेतावनी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष केवल दो देशों का विवाद नहीं बल्कि वैश्विक भू-राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ क्षेत्र में प्रभाव बनाए रखना चाहता है, वहीं ईरान खुद को क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों पक्ष बातचीत और कूटनीति का रास्ता चुनते हैं या फिर बयानबाजी और शक्ति प्रदर्शन क्षेत्र को एक नए संकट की ओर धकेलते हैं। इतना तय है कि ईरान की यह चेतावनी आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों पर बहस को और तेज कर देगी।



