राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मई 2026
देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पिछले सिर्फ 11 दिनों में पेट्रोल 8.06 रुपये और डीजल 7.80 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। सोमवार को फिर बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल पर 2.87 रुपये और डीजल पर 2.80 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई, जिसके बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
15 मई से शुरू हुई कीमतों की यह बढ़ोतरी अब आम आदमी के बजट पर भारी पड़ने लगी है। 15 मई को पेट्रोल 3.29 रुपये और डीजल 3.11 रुपये महंगा हुआ। इसके बाद 19 मई को फिर लगभग 1 रुपये की बढ़ोतरी हुई। 23 मई को दोबारा दाम बढ़े और अब 25 मई को एक और बड़ा इजाफा कर दिया गया। लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट से लेकर सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा करने का खतरा पैदा कर दिया है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को “महंगाई मैन” बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार जनता की जेब पर बोझ डालकर अपने “पूंजीपति दोस्तों” को फायदा पहुंचा रही है। विपक्ष का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता अब ईंधन कीमतों की नई चोट से और परेशान हो गई है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट रहा है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहीं, तो भारत में लगातार पेट्रोल-डीजल क्यों महंगा किया जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि हर बार ईंधन महंगा होने का असर सीधे रसोई और घर के बजट पर पड़ता है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामान की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है।
फिलहाल जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार आने वाले दिनों में राहत देगी या फिर महंगाई की यह मार और तेज होने वाली है।




