राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 24 मई 2026
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सॉल्ट लेक स्टेडियम से ‘बिस्व बांग्ला’ लोगो और फुटबॉल थीम वाली संरचना हटाए जाने पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा — “मैंने इसे डिजाइन किया था… उन्होंने उसे तोड़ दिया।”
दरअसल, कोलकाता के प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी विशाल फुटबॉल थीम संरचना और ‘बिस्व बांग्ला’ ब्रांडिंग को हाल ही में प्रशासन द्वारा हटाया गया। यह संरचना 2017 FIFA U-17 World Cup के दौरान ममता बनर्जी की पहल पर बनाई गई थी और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के तौर पर पेश की जाती रही थी।
बताया जा रहा है कि देर रात कार्रवाई करते हुए पहले ‘बिस्व बांग्ला’ का लोगो हटाया गया और फिर पूरी संरचना को तोड़ दिया गया। राज्य सरकार का कहना है कि स्टेडियम के आधुनिकीकरण और नए डिजाइन के तहत यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक यहां अब किसी प्रसिद्ध फुटबॉलर की प्रतिमा या नया स्मारक बनाया जा सकता है।
इस घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताते हुए कहा कि नई सरकार ममता बनर्जी से जुड़ी हर पहचान मिटाने की कोशिश कर रही है। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि खेल परिसरों को राजनीतिक ब्रांडिंग से मुक्त रखना जरूरी है और यह सिर्फ विकास एवं सौंदर्यीकरण का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा जमकर ट्रेंड कर रहा है। कुछ लोग इसे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि सार्वजनिक संस्थानों को किसी एक राजनीतिक दल की पहचान से जोड़ना उचित नहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘बिस्व बांग्ला’ लोगो हटाने का मामला सिर्फ एक स्टेडियम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बंगाल की बदलती सत्ता, राजनीतिक प्रतीकों और पहचान की लड़ाई का नया अध्याय बन चुका है।




