राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई/सिवकासी | 24 मई 2026
तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद अब नया सियासी विस्फोट सामने आया है। कांग्रेस सांसद बी. मणिक्कम टैगोर ने दावा किया है कि मतगणना वाले दिन ही बीजेपी ने डीएमके और एआईएडीएमके को साथ लाकर राज्य में गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश की थी। उनके इस आरोप ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि बीजेपी के एक बड़े नेता ने डीएमके और एआईएडीएमके के नेताओं से संपर्क साधकर सत्ता समीकरण तैयार करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस कोशिश को विफल कर दिया, जिसके बाद अब डीएमके कांग्रेस के खिलाफ “जहर उगल रही” है।
टैगोर का यह बयान ऐसे समय आया है जब डीएमके और कांग्रेस के बीच चुनाव बाद रिश्तों में तनाव लगातार खुलकर सामने आ रहा है। हाल ही में डीएमके युवा विंग की बैठक में कांग्रेस पर “पीठ में छुरा घोंपने” जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके जवाब में कांग्रेस नेताओं ने भी डीएमके पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु में इस बार आए त्रिशंकु जैसे हालात ने पर्दे के पीछे कई राजनीतिक बातचीतों को जन्म दिया। हालांकि डीएमके, एआईएडीएमके और बीजेपी की ओर से मणिक्कम टैगोर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने विपक्षी गठबंधनों के भीतर भरोसे और सत्ता की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे “सत्ता के लिए वैचारिक दुश्मनों के साथ भी समझौते की राजनीति” बता रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी हार के बाद की बयानबाज़ी मान रहे हैं। फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होता दिखाई दे रहा है।




