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चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 मजदूरों की मौत, कई लापता

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग/शांक्सी | 24 मई 2026

चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत में स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसा शुक्रवार शाम स्थानीय समयानुसार करीब 7:29 बजे हुआ, उस समय खदान में 247 कर्मचारी काम कर रहे थे। शुरुआती घंटों में स्थिति इतनी भयावह और अव्यवस्थित थी कि मृतकों की संख्या को लेकर भ्रम बना रहा। यह हादसा वर्ष 2009 के बाद चीन का सबसे बड़ा खनन हादसा माना जा रहा है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज और लापता लोगों की तलाश तेज करने को कहा है। चीन की स्टेट काउंसिल ने घटना की “कड़ी और निष्पक्ष जांच” कराने का आदेश देते हुए कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, खदान प्रबंधन की कुछ टीमों को हिरासत में भी लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद 128 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

राज्य मीडिया के अनुसार, अधिकतर मजदूर जहरीली गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए। जांच में पाया गया कि खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस का स्तर निर्धारित सीमा से काफी ऊपर पहुंच चुका था। घायल मजदूर वांग योंग ने बताया कि विस्फोट के वक्त तेज धमाके की आवाज नहीं आई, लेकिन अचानक धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सल्फर जैसी गंध महसूस हुई और लोग दम घुटने से गिरने लगे। कई मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए। राहत कार्य में जुटी टीमों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि विस्फोट स्थल के पास पानी भर जाने से कई हिस्सों तक पहुंचना कठिन हो गया है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा चीन के कोयला उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वर्ष 2024 में ही इस खदान को “गंभीर सुरक्षा खतरे” वाली सूची में शामिल किया गया था, जबकि इसे संचालित करने वाली कंपनी टोंगझोउ ग्रुप पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर 2025 में दो बार प्रशासनिक कार्रवाई भी हो चुकी थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी दुर्घटना होना चीन की औद्योगिक सुरक्षा प्रणाली की कमजोरी को उजागर करता है। शांक्सी प्रांत चीन के कुल कोयला उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा पैदा करता है और यहां खनन उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे भविष्य में और बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं।

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