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दिल्ली विश्वविद्यालय में आज से ECA ट्रायल्स, 26 जुलाई तक चलेगा प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में आज से ECA (Extra Curricular Activities) श्रेणी के अंतर्गत प्रदर्शन आधारित प्रवेश ट्रायल्स की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जो 26 जुलाई 2025 तक जारी रहेंगे। यह ट्रायल्स राजधानी के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों में आयोजित किए जा रहे हैं, जहां छात्र अपने-अपने कलात्मक एवं बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह प्रवेश प्रक्रिया कुल 14 श्रेणियों में आयोजित की जा रही है, जिनमें थिएटर, वाद-विवाद, क्रिएटिव राइटिंग, डांस, म्यूजिक, फोटोग्राफी, डिजिटल मीडिया, योग, क्विज़, पश्चिमी वाद्य संगीत, भारतीय वाद्य संगीत, लोक गायन, मिमिक्री, और फाइन आर्ट्स शामिल हैं। यह ट्रायल्स उन छात्रों के लिए सुनहरा अवसर हैं, जो शैक्षणिक स्कोर के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रमीय क्षेत्रों में भी निपुण हैं।

Ramjas College में हिंदी और अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता के ट्रायल्स आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि Miranda House में रंगमंच श्रेणी के प्रतिभागियों के ट्रायल्स होंगे। Mata Sundri College में शास्त्रीय और समकालीन नृत्य तथा योग श्रेणी के प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। वहीं Bharati College में भारतीय गायन और वाद्य यंत्रों की श्रेणी के ट्रायल्स का आयोजन हो रहा है। महाराजा अग्रसेन कॉलेज डिजिटल मीडिया कैटेगरी (जिसमें फोटोग्राफी, फिल्म निर्माण, ग्राफिक्स और एनीमेशन शामिल हैं) के प्रतिभागियों का मूल्यांकन कर रहा है। Sri Aurobindo College (Evening) में पश्चिमी वाद्य यंत्रों के ट्रायल्स निर्धारित किए गए हैं, जिसमें ड्रम, गिटार, वायलिन और सैक्सोफोन जैसे वाद्य यंत्र शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ट्रायल्स में शामिल होने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को अपना CUET स्कोरकार्ड, श्रेणी संबंधी प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रेशन नंबर और संबंधित प्रदर्शन सामग्री जैसे कि वाद्य यंत्र या रंगमंचीय प्रॉप्स साथ लाने होंगे। किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित स्लॉट के अतिरिक्त दोबारा अवसर नहीं दिया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, ECA चयन प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए विश्वविद्यालय ने 18 वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों की एक समिति गठित की है, जिसका उद्देश्य किसी भी अनियमितता से बचाव करना और पूरी चयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराना है।

दिल्ली विश्वविद्यालय का यह कदम केवल प्रवेश प्रक्रिया का एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक और समावेशी सोच का परिचायक है, जिसमें अकादमिक अंकों के साथ-साथ विद्यार्थियों की कलात्मक, बौद्धिक और रचनात्मक प्रतिभा को भी समान महत्व दिया जा रहा है। इस पहल से उन छात्रों को मुख्यधारा में आने का अवसर मिल रहा है, जो स्कूल स्तर पर संगीत, कला, थिएटर, नृत्य या अन्य सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, परंतु CUET स्कोर के आधार पर उन्हें पर्याप्त अंक नहीं मिल पाए। यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय को सिर्फ अकादमिक रूप से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी समृद्ध बनाने में सहायक होगी।

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