नई दिल्ली
18 जुलाई 2025
बिहार में विकास की बयार: रेल, सड़क और डिजिटल इंडिया को मिल रही नई रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने बिहार दौरे की शुरुआत मोतिहारी से कर रहे हैं, जहां वे 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बहुप्रतीक्षित विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ का उद्घाटन भी करेंगे। इस यात्रा का फोकस बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और डिजिटल सेवाओं पर है। खासतौर पर पूर्वी और उत्तर बिहार के लिए यह दौरा अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री दरभंगा-समस्तीपुर दोहरीकरण परियोजना, जिसकी लागत 580 करोड़ रुपये है, को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन के दोहरीकरण (लगभग 4,080 करोड़ रुपये) की भी आज नींव रखी जाएगी, जिससे न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन को भी बड़ा बल मिलेगा। इसके अलावा पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण का काम भी शुरू होगा, जिससे बिहार रेलवे के तकनीकी विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क का विस्तार: कनेक्टिविटी को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी आज बिहार में कई महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे जो राज्य की आर्थिक गति को नई दिशा देंगे। एनएच-319 के अंतर्गत आरा बाईपास के 4-लेन निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी, जो आरा-मोहानिया और पटना-बक्सर जैसे महत्वपूर्ण राजमार्गों को जोड़ता है। इस खंड के पूरा होने से आरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात दबाव में भारी कमी आएगी। प्रधानमंत्री पररिया से मोहनिया तक 4-लेन सड़क खंड (लागत 820 करोड़ रुपये) का भी उद्घाटन करेंगे जो आरा शहर को एनएच-2 से जोड़ता है। इसके अलावा, बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित सारवां-चकाई खंड के दो-लेन निर्माण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा, जो माल और यात्रियों की आवाजाही को और अधिक सुगम बनाएगा। ये परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को अखिल भारतीय नेटवर्क से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
आईटी, मत्स्य पालन और सामाजिक सशक्तिकरण में नए अध्याय की शुरुआत
प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया और ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए भी खास है। दरभंगा में प्रधानमंत्री एक नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) का उद्घाटन करेंगे, जो उत्तर बिहार के आईटी सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। पटना में स्टार्टअप्स और ईएसडीएम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का शुभारंभ भी होगा। मत्स्य पालन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वहीं, सामाजिक न्याय की दिशा में प्रधानमंत्री 61,500 स्वयं सहायता समूहों को ₹400 करोड़ की राशि जारी करेंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 12,000 लाभार्थियों को घर की चाबियाँ सौंपेंगे। इसके अलावा 40 हजार नए लाभार्थियों के लिए 160 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की जाएगी।
पश्चिम बंगाल को मिलेगा ऊर्जा और बुनियादी ढांचे का मेगा तोहफा
प्रधानमंत्री मोदी बिहार के बाद आज पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे, जहां वे दुर्गापुर में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। पश्चिम बर्धमान, बांकुरा और पुरुलिया जिलों के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री यहां 1,950 करोड़ रुपये की लागत से भारत पेट्रोलियम की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जो बंगाल के गैस वितरण तंत्र को मजबूती प्रदान करेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री दुर्गापुर से कोलकाता तक 132 किलोमीटर लंबी नेचुरल गैस पाइपलाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। यह पाइपलाइन न केवल औद्योगिक इकाइयों को सस्ती गैस उपलब्ध कराएगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी स्वच्छ ऊर्जा के दरवाज़े खोलेगी। साथ ही दुर्गापुर थर्मल पावर स्टेशन और दामोदर घाटी निगम के रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन प्रणाली की शुरुआत होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
रेल और सड़क से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स से बदलेगा बंगाल का भूगोल
प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल दौरा रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचे को भी एक नई गति देने वाला है। प्रधानमंत्री पुरुलिया जिले में 390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे बंगाल-झारखंड क्षेत्र के यात्री और औद्योगिक परिवहन में भारी सुधार होगा। वहीं, पश्चिम बर्धमान जिले के तोपसी और पंडाबेश्वर क्षेत्रों में सेतु भारतम योजना के तहत निर्मित दो आरओबी (सड़क ऊपरी पुल) का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 380 करोड़ रुपये है। इन पुलों के चालू होने से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और माल परिवहन की गति भी तेज होगी।
एक दिन, दो राज्य, दर्जनों सौगातें: पूर्वी भारत के विकास को मिला प्रधानमंत्री का विजन
18 जुलाई 2025 का यह दिन पूर्वी भारत के इतिहास में एक बड़ी विकासगाथा के रूप में दर्ज होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि सामाजिक कल्याण, डिजिटल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के भी नए मानक स्थापित कर रहा है। एक ही दिन में बिहार और बंगाल को मिली दर्जनों सौगातें यह स्पष्ट करती हैं कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता में पूर्वी भारत सर्वोच्च स्थान पर है। यह दौरा सिर्फ उद्घाटनों और शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के लिए एक नया विजन, एक नया रोडमैप है।




