एविएशन/ ट्रैवल | एजेंसी / ABC NATIONAL NEWS | दुबई/दोहा | 5 मई 2026
साल 2026 में वैश्विक हवाई यात्रा एक बार फिर रफ्तार पकड़ती दिख रही है और क़तर इस “ट्रैवल रिवाइवल” का अहम केंद्र बनकर उभरा है। Hamad International Airport के ज़रिए दोहा ने मिडिल ईस्ट और एशिया के बीच उड़ानों का नेटवर्क तेजी से फिर शुरू किया है। रिपोर्ट के मुताबिक क़तर अब United Arab Emirates, Saudi Arabia, India, United Kingdom और United States जैसे बड़े एविएशन हब देशों की कतार में खड़ा हो गया है, जहां से अंतरराष्ट्रीय यात्रा फिर सामान्य हो रही है। इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में तनाव और एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा था। Qatar के हवाई क्षेत्र में फरवरी-मार्च 2026 के दौरान उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे कई रूट अस्थायी रूप से बंद करने पड़े। लेकिन अब हालात सामान्य होने के साथ विदेशी एयरलाइंस और घरेलू कैरियर्स धीरे-धीरे अपनी सेवाएं बहाल कर रहे हैं।
भारत के लिए भी यह बड़ी राहत की खबर है। Air India, IndiGo और Air India Express जैसी एयरलाइंस ने 1 मई 2026 से दोहा के लिए उड़ानें फिर शुरू करने का ऐलान किया है, जिससे भारत-क़तर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
उधर, क़तर की राष्ट्रीय एयरलाइन Qatar Airways भी अपने नेटवर्क को तेजी से विस्तार दे रही है। एयरलाइन 150 से ज्यादा वैश्विक डेस्टिनेशन्स को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है और समर 2026 सीज़न तक यूरोप, एशिया, अफ्रीका और अमेरिका में उड़ानों की संख्या बढ़ा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोहा का यह उभरता हुआ नेटवर्क सिर्फ ट्रांजिट हब नहीं, बल्कि वैश्विक यात्रा के नए संतुलन का संकेत है। Hamad International Airport पहले ही दुनिया के बेहतरीन एयरपोर्ट्स में गिना जाता है और अब इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक बढ़ाई जा रही है, जिससे यह आने वाले वर्षों में और बड़ा एविएशन केंद्र बन सकता है। 2026 में एयर ट्रैवल की वापसी के साथ क़तर का उभार यह दिखाता है कि वैश्विक विमानन उद्योग धीरे-धीरे स्थिरता की ओर लौट रहा है और एशिया-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर फिर से दुनिया की सबसे व्यस्त हवाई लाइनों में शामिल होने जा रहा है।




