क्राइम / नेपाल / अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी / ABC NATIONAL NEWS | महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) | 27 अप्रैल 2026
भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एक तस्कर को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक ऑपरेशन के दौरान 327 किलो से अधिक गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को हाल के समय की बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक माना जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। सशस्त्र सीमा बल की टीम को खबर मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा के रास्ते बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी होने वाली है। इसी इनपुट पर कार्रवाई करते हुए टीम ने रविवार सुबह एक ट्रक को रोका और तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से बिहार के गोपालपुर इलाके का रहने वाला आरोपी रंजीत गिरी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नेपाल से गांजा लाकर भारत के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करता था। अधिकारी मान रहे हैं कि वह किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है और केवल एक ‘कैरीयर’ के तौर पर काम कर रहा था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।
हालांकि इस कार्रवाई के दौरान गिरोह का एक अन्य सदस्य मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
SSB के असिस्टेंट कमांडेंट दिनेश चंद्र बिस्वास ने बताया कि जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी को शुरुआती पूछताछ के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के हवाले कर दिया गया है, ताकि आगे की जांच गहराई से की जा सके।
पुलिस और जांच एजेंसियों ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माना शामिल है।
सीमा से जुड़े इलाकों में इस तरह की तस्करी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। नेपाल सीमा के खुले और संवेदनशील मार्गों का इस्तेमाल तस्कर अक्सर करते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी एक बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। हालांकि, हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की सतर्कता और खुफिया तंत्र की सक्रियता के चलते ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो रही है।
यह पूरी घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क कितना व्यापक और संगठित है। अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और इसे किस स्तर पर संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




