राष्ट्रीय | मालविका | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 अप्रैल 2026
आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर सोशल मीडिया पर नाराज़गी तेजी से सामने आ रही है। खासतौर पर युवा वर्ग, जिसे आम तौर पर “जेन-ज़ेड” कहा जाता है, इस फैसले से काफी असहज नजर आ रहा है और खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसे पोस्ट और कमेंट्स देखने को मिल रहे हैं, जिनमें उनके राजनीतिक निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को अनफॉलो किया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में की गई एक पोस्ट के बाद लगभग 3 लाख लोगों ने उन्हें अनफॉलो किया, जबकि बीजेपी में जाने के बाद कुल मिलाकर करीब 20 लाख फॉलोवर्स कम हुए बताए जा रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि इनमें से बड़ी संख्या सक्रिय यूजर्स की है, जिन्होंने अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की है।
विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की प्रतिक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि आज के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जनभावनाओं का एक अहम संकेतक बन चुके हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उससे यह साफ है कि इस फैसले ने एक वर्ग को प्रभावित जरूर किया है।
दूसरी ओर, राजनीतिक दलों के बीच दल-बदल कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार जनता की प्रतिक्रिया अलग होती है। इस बार खास बात यह है कि युवा वर्ग की प्रतिक्रिया ज्यादा तीखी नजर आ रही है। कई यूजर्स यह भी कह रहे हैं कि नेताओं को अपने फैसलों के सामाजिक और राजनीतिक असर पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
फिलहाल राघव चड्ढा या उनकी ओर से इस पूरे मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर जारी यह बहस आने वाले समय में उनके राजनीतिक सफर और जनसंपर्क पर असर डाल सकती है।




