व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 10 अप्रैल 2026
नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026। देश में डिजिटल लेन-देन की तेज रफ्तार को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसका सीधा असर करोड़ों भारतीयों के रोजमर्रा के भुगतान तरीके पर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए RBI के नए नियमों के तहत अब सभी डिजिटल पेमेंट्स जैसे UPI, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट ट्रांजैक्शन पर दो-चरणीय सत्यापन (Two-Factor Authentication या 2FA) अनिवार्य कर दिया गया है। पहले जहां कई मामलों में सिर्फ OTP या UPI PIN से पेमेंट हो जाता था, अब सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए हर ट्रांजैक्शन में कम से कम दो अलग-अलग फैक्टर्स की जरूरत पड़ेगी, जिसमें से एक फैक्टर डायनामिक (हर बार बदलने वाला) होना चाहिए।
इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य बढ़ते साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकना है। RBI के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में UPI और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फिशिंग, SIM स्वैप और OTP फ्रॉड के मामले काफी बढ़ गए थे। नए दिशा-निर्देशों में बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को निर्देश दिया गया है कि वे सिंगल फैक्टर ऑथेंटिकेशन को पूरी तरह समाप्त करें। अब यूजर्स को UPI PIN के साथ बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी), डिवाइस टोकन, ऐप पासवर्ड या OTP का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करना होगा। खास तौर पर बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन, नए डिवाइस से किए गए पेमेंट या असामान्य पैटर्न वाले लेन-देन में अतिरिक्त सत्यापन की प्रक्रिया और सख्त हो गई है, जिससे आम यूजर्स को थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और अधिक सुरक्षित तथा भरोसेमंद बनाने के लिए यह बदलाव लाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती दिनों में यह प्रक्रिया थोड़ी असुविधाजनक लग सकती है, खासकर उन छोटे व्यापारियों, ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों और फ्रीलांसरों के लिए जो रोजाना कई छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन करते हैं। लेकिन लंबे समय में यह उपाय फ्रॉड को काफी हद तक कम करेगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगा। RBI ने साफ किया है कि रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था भी रहेगी, यानी हर छोटे ट्रांजैक्शन में अतिरिक्त स्टेप नहीं मांगा जाएगा, लेकिन संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत अतिरिक्त चेक सक्रिय हो जाएगा।
यूजर्स को अब अपनी जिम्मेदारी भी समझनी होगी। RBI की सलाह है कि अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें, OTP या PIN किसी के साथ साझा न करें, केवल आधिकारिक बैंकिंग और पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करें और मोबाइल तथा ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। अगर कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक या NPCI को सूचित करें। इस नियम के साथ डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा की एक नई परत जुड़ गई है, जो भले ही शुरुआत में थोड़ा समय ले, लेकिन भविष्य में करोड़ों यूजर्स को बड़े नुकसान से बचाएगी।
क्या करें और क्या न करें:
अनजान लिंक या मैसेज पर कभी क्लिक न करें, OTP या UPI PIN किसी को भी न बताएं, हमेशा आधिकारिक ऐप्स से काम लें और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े फ्रॉड से बचा सकती है।
RBI का यह नया नियम डिजिटल भारत की दिशा में एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा, जिससे आम नागरिक आत्मविश्वास के साथ डिजिटल लेन-देन कर सकें।




