राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली 3 अप्रैल 2026
शुक्रवार शाम को दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए जिससे राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों दफ्तरों मॉल्स और बाजारों से घबराकर सड़कों पर निकल आए और कई ऊंची इमारतों में रहने वाले निवासियों ने तेज कंपन महसूस करने के बाद तुरंत नीचे उतरकर खुली जगहों पर शरण ली। इस घटना ने कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मचा दी जहां बच्चे बुजुर्ग और महिलाएं सड़कों और पार्कों में इकट्ठा होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते नजर आए जबकि सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव शेयर करते हुए वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर रहे थे।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग 5.2 से 5.5 के बीच मापी गई है और इसका एपिसेंटर अफगानिस्तान तथा ताजिकिस्तान की सीमा के पास हिंदूकुश क्षेत्र में रहा जो भूकंपीय गतिविधियों के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस इलाके में अक्सर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं और इस बार भी भूकंप की गहराई अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण इसका प्रभाव सैकड़ों किलोमीटर दूर तक फैल गया जिससे दिल्ली-NCR जम्मू-कश्मीर पंजाब हरियाणा और उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों में झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। खासकर जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में कंपन अधिक तीव्र रहे जिससे स्थानीय लोगों में डर और अनिश्चितता का वातावरण पैदा हो गया।
फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान या भारी संपत्ति क्षति की कोई पुष्टि नहीं हुई है हालांकि प्रशासन आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय अधिकारी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और यदि फिर से झटके महसूस हों तो तुरंत सुरक्षित खुली जगह पर चले जाएं। दिल्ली-NCR क्षेत्र भूकंपीय जोन-IV में आता है यानी यहां उच्च जोखिम हमेशा बना रहता है और हिंदूकुश जैसे दूर के गहरे भूकंपों के झटके यहां आसानी से महसूस हो जाते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली और उत्तर भारत में ऐसे झटके आए हों क्योंकि पिछले कई वर्षों में भी 4 से 5.5 तीव्रता के कई भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं जिनका केंद्र अक्सर उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र या हिमालयी बेल्ट में रहा है। ज्यादातर मामलों में बड़े नुकसान नहीं हुए लेकिन विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने भूकंप प्रतिरोधी निर्माण सुनिश्चित करने और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत रखने की सलाह देते रहते हैं। लोग अभी भी सतर्क रहें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें क्योंकि ऐसी घटनाओं में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। सुरक्षित रहें और यदि कोई नया अपडेट आए तो तुरंत साझा किया जाएगा।




