अंतरराष्ट्रीय/ ट्रैवल | ABC NATIONAL NEWS | 30 मार्च 2026
एयरलाइंस पर बढ़ा दबाव, यात्रियों की जेब पर असर से मुनाफे पर संकट के संकेत
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी का असर अब हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। दुनिया भर की एयरलाइंस ने बढ़ते खर्च को संभालने के लिए किराए बढ़ाने और उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला करना शुरू कर दिया है। एयरलाइन कंपनियों के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है, ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल सीधे उनके ऑपरेशन पर असर डालता है। हालात को देखते हुए कई एयरलाइंस टिकट महंगे कर रही हैं, जबकि कुछ ने कम मांग वाले रूट्स पर अपनी क्षमता (capacity) घटा दी है।
हालांकि असली चुनौती आगे की है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइंस का मुनाफा इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या यात्री बढ़ती लागत के बीच यात्रा जारी रखते हैं या खर्च कम करने के लिए उड़ानों से दूरी बनाते हैं।
दरअसल, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में लोग गैर-जरूरी यात्रा टाल सकते हैं, जिसका सीधा असर एयरलाइंस की कमाई पर पड़ेगा।
उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो एयरलाइंस को और सख्त फैसले लेने पड़ सकते हैं, जिसमें और ज्यादा किराया बढ़ाना या उड़ानों में और कटौती शामिल हो सकती है।
बढ़ती ईंधन कीमतों ने एयरलाइन सेक्टर के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है—एक तरफ लागत बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ यात्रियों की मांग कमजोर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।




