अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान | 28 मार्च 2026
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी फार्स प्रांत में एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर मार गिराया है। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव अपने चरम पर है और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
IRGC के मुताबिक, यह कार्रवाई “रक्षा प्रतिक्रिया” के तहत की गई। हालांकि, इस दावे के समर्थन में अब तक न तो कोई आधिकारिक वीडियो या तस्वीर जारी की गई है और न ही किसी स्वतंत्र एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से भी इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर सस्पेंस और गहरा गया है।
सैन्य मामलों के जानकारों का कहना है कि अगर वास्तव में किसी अमेरिकी F-16 को नुकसान पहुंचा होता, तो इसकी पुष्टि या खंडन जल्दी सामने आ जाता। ऐसे मामलों में आमतौर पर उपग्रह तस्वीरें, स्थानीय रिपोर्ट या अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों के संकेत मिलते हैं, जो फिलहाल अनुपस्थित हैं।
विशेषज्ञ इसे सूचना युद्ध का हिस्सा भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार ऐसे दावे घरेलू समर्थन जुटाने या विरोधी को मनोवैज्ञानिक दबाव में लाने के लिए किए जाते हैं। खाड़ी क्षेत्र में पहले भी इस तरह के दावे और उनके खंडन देखने को मिल चुके हैं।
इस बीच, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर इस खबर का असर पड़ना तय माना जा रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच ऐसी खबरें निवेशकों और सरकारों दोनों के लिए चिंता का कारण बनती हैं।
फिलहाल, सच और दावे के बीच की दूरी बनी हुई है—और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस घटना का कोई ठोस सबूत सामने आता है या यह सिर्फ एक और रणनीतिक बयान साबित होगा।




