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हॉर्मुज़ का जोखिम दरकिनार: सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से बढ़ाई तेल सप्लाई

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रियाद/यानबू | 28 मार्च 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए अपनी रणनीति तेज़ कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन अब अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही है और रोज़ाना करीब 70 लाख बैरल (7 मिलियन बैरल प्रति दिन) तेल पंप किया जा रहा है। यह पाइपलाइन खास तौर पर इसलिए अहम मानी जाती है क्योंकि यह तेल को सीधे लाल सागर तक पहुंचाती है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करती है।

बताया जा रहा है कि इस पाइपलाइन के जरिए तेल को यानबू पोर्ट तक पहुंचाया जा रहा है, जहां से निर्यात में भी तेजी आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यानबू बंदरगाह से कच्चे तेल का निर्यात अब करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इसके अलावा सऊदी अरब 7 लाख से 9 लाख बैरल प्रतिदिन तक तेल उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के चलते इसके बाधित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सऊदी अरब की यह वैकल्पिक पाइपलाइन रणनीतिक रूप से बेहद अहम साबित हो रही है।

हालांकि, इन रिपोर्ट्स की स्वतंत्र पुष्टि तुरंत नहीं हो पाई है और सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने भी इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके बावजूद, यह घटनाक्रम इस बात का संकेत देता है कि खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देश संभावित संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, सऊदी अरब का यह कदम न सिर्फ अपनी निर्यात क्षमता को बनाए रखने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।

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