अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 28 मार्च 2026
अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump की लोकप्रियता को लेकर नई चिंताएं सामने आ रही हैं। व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से उनके समर्थन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण आम लोगों पर बढ़ता आर्थिक दबाव बताया जा रहा है। सर्वेक्षणों और चुनावी आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई और रोजमर्रा की ज़रूरतों की बढ़ती लागत ने जनता के बीच असंतोष को बढ़ाया है, जो अब राजनीतिक रूप से भी दिखाई देने लगा है। किसी भी राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में लोकप्रियता में गिरावट असामान्य नहीं होती, लेकिन ट्रंप के मामले में यह गिरावट अपेक्षा से ज्यादा तेज मानी जा रही है। खासकर महंगाई का असर अमेरिकी परिवारों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं। यही मुद्दे पहले चुनावों में विपक्षी Democratic Party के लिए मजबूत आधार बने थे और अब भी वही मुद्दे ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती बनते नजर आ रहे हैं।
चुनावी आंकड़े भी इस बदलते माहौल की ओर इशारा करते हैं। विश्लेषण करने वाली संस्था The Downballot के अनुसार, 2025 में हुए विशेष चुनावों में Democratic Party ने उन क्षेत्रों में औसतन 13 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मुकाबला हुआ था। इसे राजनीतिक विश्लेषक एक संकेत के रूप में देख रहे हैं कि मतदाताओं का रुझान धीरे-धीरे बदल रहा है और आने वाले चुनावों में इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
महंगाई के अलावा बुनियादी जरूरतों—जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन और आवास—की बढ़ती कीमतें भी ट्रंप सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। आम नागरिकों के बीच यह धारणा बन रही है कि आर्थिक सुधार के वादों के बावजूद रोजमर्रा की जिंदगी महंगी होती जा रही है। यही कारण है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं और विपक्ष को जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिल रहा है।
इसके साथ ही दूसरा बड़ा मुद्दा राजनीतिक प्रदर्शन और चुनावी संकेतों का है। 2025 के विशेष चुनावों में विपक्षी दल का बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर सत्ता के खिलाफ माहौल बन सकता है। अगर यह रुझान जारी रहता है, तो आने वाले चुनावों में ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए चुनौती और गहरी हो सकती है।
तीसरा अहम पहलू है जनता के बीच भरोसे का सवाल। आर्थिक दबाव, बढ़ती कीमतें और राजनीतिक असंतोष मिलकर एक ऐसी स्थिति बना रहे हैं, जहां सरकार को न सिर्फ नीतिगत फैसले लेने होंगे, बल्कि लोगों का विश्वास भी बनाए रखना होगा। यही वह मोर्चा है जहां किसी भी सरकार की असली परीक्षा होती है।
फिलहाल, ट्रंप प्रशासन इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रहा है और आर्थिक मोर्चे पर सुधार के दावे भी किए जा रहे हैं। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि महंगाई और खर्च का दबाव इसी तरह बना रहा, तो यह राष्ट्रपति के लिए आने वाले समय में गंभीर राजनीतिक चुनौती बन सकता है। कुल मिलाकर, ट्रंप के सामने अब सिर्फ शासन चलाने की नहीं, बल्कि जनता का भरोसा बनाए रखने की भी बड़ी परीक्षा है।




