अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 28 मार्च 2026
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब United States और Israel की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं दिखाई दे रही है। एक महीने के भीतर ही युद्ध की तीव्रता ने दोनों देशों की सैन्य क्षमता पर असर डालना शुरू कर दिया है। पुख्ता सूत्रों और रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, लगातार हमलों और बहुस्तरीय मोर्चों पर लड़ाई के कारण संसाधनों और रणनीति दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ गया है। Iran की ओर से लगातार हो रहे आक्रामक हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ड्रोन, मिसाइल और एयर स्ट्राइक के बढ़ते इस्तेमाल ने अमेरिका और इज़राइल की एयर डिफेंस क्षमता की भी कड़ी परीक्षा ली है।
अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ Seth G. Jones ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका में गोला-बारूद की कमी “सोच से ज्यादा गंभीर” होती जा रही है। हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशंस, लगातार इंटरसेप्शन और लंबी सैन्य तैनाती के चलते अमेरिकी स्टॉकपाइल तेजी से घट रहा है। इससे डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस और सप्लाई चेन की क्षमता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
वहीं Israel भी अभूतपूर्व दबाव का सामना कर रहा है। वहां के सैन्य नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि लगातार युद्ध और कई मोर्चों पर तैनाती के कारण सैनिकों की कमी महसूस की जा रही है। रिजर्व फोर्स को बार-बार सक्रिय करना पड़ रहा है, जिससे ऑपरेशनल थकान और संसाधन प्रबंधन बड़ी चुनौती बन गया है।
अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और जटिल हो सकता है। फिलहाल साफ संकेत हैं कि यह जंग अब सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं, बल्कि संसाधनों और धैर्य की भी परीक्षा बन चुकी है।




