राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 27 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजरायल टकराव के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री Narendra Modi कल देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में देश के भीतर एलपीजी, पेट्रोल और अन्य ईंधन की उपलब्धता, कीमतों और सप्लाई की स्थिति पर विस्तृत चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, वैश्विक संकट का असर भारत के ऊर्जा सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर रणनीति तैयार करना चाहती है, ताकि आम आदमी पर इसका असर कम से कम पड़े। बैठक में राज्यों से जमीनी हालात की रिपोर्ट ली जाएगी और जरूरी निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी राज्य में LPG सिलेंडर, पेट्रोल या डीजल की किल्लत न हो। साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्त नजर रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र पहले ही तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।
इस बैठक में राज्यों को यह भी कहा जा सकता है कि वे अपने स्तर पर आपात योजनाएं तैयार रखें, ताकि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़ने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री की यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि संभावित संकट से निपटने की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। देश की नजर अब इस बैठक पर टिकी है कि सरकार आम आदमी को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।



