राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 23 मार्च 2026
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी नायक Birsa Munda के नाम और प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग तो करती है, लेकिन उनके विचारों और संघर्ष की भावना को कमजोर करने का काम भी उसी समय करती है। राहुल गांधी ने कहा कि यह दोहरा व्यवहार देश के आदिवासी समाज के साथ अन्याय है और इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सार्वजनिक मंचों पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़ते हैं, उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हैं, लेकिन दूसरी ओर उनकी विचारधारा — जिसमें जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश है — को नीतियों के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई नीतियां आदिवासी समुदायों के अधिकारों के खिलाफ जाती हैं, जिससे उनके जीवन और अस्तित्व पर खतरा पैदा होता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों और शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन आज के दौर में आदिवासी समाज को नए रूप में उसी तरह के दबावों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में बिरसा मुंडा को सम्मान देना चाहती है, तो उसे उनके आदर्शों को लागू करना चाहिए, न कि सिर्फ प्रतीकों तक सीमित रखना चाहिए। राहुल गांधी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ चुनावी लाभ के लिए महान व्यक्तित्वों के नाम का इस्तेमाल करती है।
इस पूरे मुद्दे पर भाजपा की ओर से पलटवार भी सामने आया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने आदिवासी समाज के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें विकास योजनाएं, शिक्षा और रोजगार के अवसर शामिल हैं। पार्टी का दावा है कि बिरसा मुंडा की विरासत को सम्मान देने का काम सबसे ज्यादा मौजूदा सरकार ने ही किया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयानबाजी आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए तेज हो रही है, जहां आदिवासी वोट बैंक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में बिरसा मुंडा जैसे महान आदिवासी नेता का नाम और उनकी विरासत राजनीतिक बहस के केंद्र में आना स्वाभाविक है। आने वाले समय में यह मुद्दा और भी गरमा सकता है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल इसे अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रख रहे हैं।




