नई दिल्ली, 22 मार्च 2026। भारतीय रुपये की कमजोरी अब राजनीति का सबसे गर्म मुद्दा बन चुकी है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और बेहद कड़ा प्रहार किया है। मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि रुपये की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ रही है और यह स्थिति देश की आर्थिक मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी जी, अब झोला उठाओ और चले जाइए। आप अब देश का नेतृत्व करने में सक्षम नहीं रहे।”
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, 20 मार्च को रुपया 93.83 के आसपास पहुंच गया था, जो पिछले कई हफ्तों में सबसे ऊंचा स्तर है। कई रिपोर्टों में यह 94 के पार भी छूने की बात कही जा रही है। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि “सेंचुरी लगेगी, अबकी बार 100 के पार!” उन्होंने याद दिलाया कि पहले खुद प्रधानमंत्री मोदी रुपये की गिरावट को देश की इज्जत और वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़कर बात करते थे, लेकिन अब इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई है।
राउत ने आगे कहा कि जब देश आर्थिक दबाव में है, महंगाई आसमान छू रही है और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ रहा है, तब सरकार अन्य मुद्दों में व्यस्त दिख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और खराब हो सकती है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि देश की वैश्विक छवि, विदेशी निवेशकों के भरोसे और घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता से जुड़ा मामला है। राउत का कहना है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रुपये की यह लगातार गिरावट देश की प्रगति पर सवालिया निशान लगा रही है।
यह बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तेजी से फैल रहा है। विपक्षी दल महंगाई, बेरोजगारी और रुपये की कमजोरी को लेकर केंद्र सरकार को लगातार घेर रहे हैं। संजय राउत का यह आक्रामक तेवर आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है। क्या सरकार अब कोई बड़ा आर्थिक कदम उठाएगी या यह मुद्दा और गरमाएगा? फिलहाल, “झोला उठाओ और चले जाओ” वाला बयान हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।




