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ईरान युद्ध का असर—NATO ने इराक से अपने सभी सैनिक हटाए

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बगदाद/ब्रसेल्स | 21 मार्च 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच NATO ने बड़ा कदम उठाते हुए इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब ईरान से जुड़े संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है और सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

NATO ने साफ किया है कि यह कोई लड़ाकू (कॉम्बैट) मिशन नहीं था, बल्कि एक सलाहकार मिशन था, जिसका उद्देश्य इराक की सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिंग देना और उनकी क्षमता बढ़ाना था। लेकिन मौजूदा हालात में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण संगठन ने अपने सभी कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का फैसला लिया।

सूत्रों के मुताबिक, इस मिशन में शामिल सैकड़ों सैनिकों और अधिकारियों को इराक से निकालकर यूरोप भेज दिया गया है। अब इस मिशन का संचालन नेपल्स (इटली) स्थित NATO मुख्यालय से किया जाएगा।

यह कदम अचानक नहीं है। पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़े हैं। ईरान से जुड़े हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के चलते इराक समेत पूरे इलाके में विदेशी सैन्य ठिकाने खतरे में आ गए हैं। इसी वजह से पोलैंड, स्पेन और क्रोएशिया जैसे कई देशों ने भी अपने सैनिक वापस बुलाने शुरू कर दिए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि रणनीतिक संकेत भी है। NATO अब सीधे जोखिम लेने के बजाय दूरी बनाकर हालात पर नजर रखना चाहता है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका मिशन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि वह नए तरीके से जारी रहेगा।

इराक के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि NATO का यह मिशन उसकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर रहा था। ऐसे में अब इराक को अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों को और मजबूती से संभालना होगा। NATO की यह वापसी इस बात का संकेत है कि ईरान से जुड़ा यह संघर्ष अब केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे मध्य पूर्व में फैल चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या हालात और बिगड़ते हैं या कूटनीतिक रास्ता निकलता है।

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