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अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे, शहीदों के खून का बदला लिया जाएगा, होर्मुज का रास्ता नहीं खुलेगा: मोजतबा खामेनेई

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एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान/नई दिल्ली | 12 मार्च 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के “शहीदों के खून का बदला लिया जाएगा”, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिलहाल नहीं खोला जाएगा। खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव तेजी से बढ़ रहा है।

अपने संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरान किसी भी तरह के बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए ईरान हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे ईरान की नजर में संभावित लक्ष्य बने रहेंगे।

ईरान के इस कड़े बयान के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी टकराव ने पहले ही क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है और कई देशों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है।

इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने के फैसले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी चिंतित कर दिया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति गुजरती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इससे तेल आयात पर निर्भर देशों—खासकर एशिया के कई देशों—की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।

सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के मार्ग में बदलाव करना शुरू कर दिया है। इससे वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ सकता है।

मौजूदा हालात में पूरी दुनिया की नजरें मध्य-पूर्व के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यहां उठाया गया हर सैन्य या रणनीतिक कदम वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

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