एबीसी नेशनल न्यूज | शिलांग/तुरा | 12 मार्च 2026
पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। चुनावी विवाद से शुरू हुआ टकराव अब हिंसा में बदल चुका है और कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा है। ताजा घटनाक्रम में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के काफिले पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया और एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सेना की मदद भी लेनी पड़ी है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
जानकारी के अनुसार यह घटना पश्चिम गारो हिल्स जिले के तुरा इलाके के पास हुई, जहां बीएसएफ के डीआईजी अपने अधिकारियों के साथ एक बैठक से लौट रहे थे। उसी दौरान रास्ते में जमा भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। स्थिति तेजी से बिगड़ गई और भीड़ ने काफिले में शामिल एक वाहन को आग लगा दी। सुरक्षा बलों ने किसी तरह हालात संभालते हुए अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हमले में कुछ सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
दरअसल मेघालय में यह हिंसा गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHADC) के चुनाव को लेकर पैदा हुए विवाद से भड़की है। नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवारों को लेकर विभिन्न समूहों के बीच टकराव शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलानी पड़ी, जिसमें अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बाद क्षेत्र में गुस्सा और बढ़ गया और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने पश्चिम गारो हिल्स और आसपास के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। इसके साथ ही अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में सेना की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को तुरंत रोका जा सके।
राज्य सरकार ने हालात को देखते हुए गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के प्रस्तावित चुनाव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सरकार का कहना है कि पहले क्षेत्र में पूरी तरह शांति बहाल करना जरूरी है, उसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें, ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके।
इस बीच मेघालय के गारो हिल्स में लगातार बढ़ते तनाव ने पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही संवेदनशील रहती है और किसी भी तरह की अशांति का असर व्यापक क्षेत्र पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा बल हालात को काबू में करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन इलाके में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।




