Home » National » दुनिया तेजी से बदल रही है, संकट दरवाज़े पर है : राहुल गांधी

दुनिया तेजी से बदल रही है, संकट दरवाज़े पर है : राहुल गांधी

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 12 मार्च 2026

देश में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और वैश्विक हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच रहे हैं जहां ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। उनके अनुसार यह संकट अब दूर नहीं बल्कि भारत के दरवाज़े तक पहुंच चुका है, इसलिए सरकार को तुरंत स्थिति का आकलन कर ठोस तैयारी शुरू करनी चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंता दिखाई दे रही है और छोटे कारोबार, होटल-रेस्तरां तथा सड़क किनारे काम करने वाले लोगों पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। उनके अनुसार यह केवल शुरुआत है और यदि व्यापक रणनीति नहीं बनाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

नेता विपक्ष ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। राहुल गांधी का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi का नाम लेते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के मामले में गंभीरता से काम करने की जरूरत थी, लेकिन नीतिगत कमियों और कमजोर विदेश नीति के कारण देश एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में आ खड़ा हुआ है।

राहुल गांधी के अनुसार अब समय है कि सरकार देश के सामने पूरी सच्चाई रखे और आने वाले समय के लिए स्पष्ट तैयारी करे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाती है, तो इसका असर सीधे आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा संकट केवल आर्थिक या औद्योगिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे करोड़ों परिवारों की रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा विषय है।

राहुल गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक योजना बनाई जाए और संसद में इस विषय पर खुलकर चर्चा हो। उनका कहना था कि देश को आने वाले संभावित संकट के लिए तैयार करना जरूरी है, ताकि आम लोगों पर इसका बोझ कम से कम पड़े और भारत की अर्थव्यवस्था तथा रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments