एबीसी नेशनल न्यूज | मॉस्को/नई दिल्ली | 12 मार्च 2026
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच रूस ने अमेरिका और इज़राइल से ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। रूस का कहना है कि लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है, जिसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
रूसी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं और ऐसे समय में सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने के बजाय कूटनीतिक समाधान तलाशना जरूरी है। रूस ने अमेरिका और इज़राइल से संयम बरतने और जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि स्थिति और ज्यादा न बिगड़े।
दरअसल हाल के दिनों में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। जवाब में ईरान ने भी कई मोर्चों पर कड़ा रुख अपनाया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष यदि लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
रूस ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान स्थिति में सबसे जरूरी कदम यह है कि सभी पक्ष सैन्य कार्रवाई रोकें और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करें। रूस के अनुसार कूटनीतिक रास्ता ही ऐसा माध्यम है जिससे क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है और बड़े युद्ध की संभावना को टाला जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई देश इस संघर्ष को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते तनाव कम करने के प्रयास नहीं किए गए तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में रूस की यह अपील मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को शांत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल मानी जा रही है।




