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लाखों शादियों में खाने पर संकट: कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी, भट्टी जलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 11 मार्च 2026

देश भर में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी अब एक बड़े राष्ट्रीय संकट के रूप में सामने आने लगी है। होटल, ढाबे, कैटरिंग यूनिट और बड़े सामूहिक रसोईघर चलाने वाले कारोबारियों के सामने काम ठप होने की स्थिति बनती जा रही है। ऐसे समय में जब देश में विवाह का बड़ा सीजन शुरू हो चुका है और अनुमान है कि आने वाले दिनों में लाखों शादियां आयोजित होंगी, गैस सिलेंडरों की कमी ने भोजन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो विवाह समारोहों में भोजन की व्यवस्था करना बेहद कठिन हो जाएगा।

देश के कई बड़े शहरों — दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और कोलकाता — से होटल और रेस्तरां संचालकों ने बताया है कि उन्हें समय पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कई जगहों पर होटल मालिकों को सीमित मेन्यू के साथ काम चलाना पड़ रहा है, जबकि कुछ छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों ने अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद भी कर दिया है। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों में हजारों लोगों के लिए खाना बनाना पड़ता है और इसके लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर ही सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक विकल्प होता है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई जगहों पर रसोइयों और कैटरर्स ने मजबूरी में लकड़ी या कोयले की भट्टी जलाने का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने प्रदूषण और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है। कई नगर निकायों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिना अनुमति भट्टी जलाई गई तो 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे कैटरिंग कारोबारियों और होटल मालिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि गैस नहीं है और भट्टी जलाने की भी अनुमति नहीं मिल रही।

इस संकट ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है जिनके घरों में विवाह समारोह तय हैं। कई आयोजकों को अब कैटरर्स से यह सुनने को मिल रहा है कि वे सीमित मेन्यू ही तैयार कर पाएंगे या फिर अतिरिक्त खर्च देना होगा। कुछ जगहों पर कैटरर्स ने नई बुकिंग लेने से भी इनकार करना शुरू कर दिया है, क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि समारोह के दिन पर्याप्त गैस उपलब्ध हो पाएगी।

होटल और रेस्तरां उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि यह संकट लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर केवल विवाह समारोहों तक सीमित नहीं रहेगा। लाखों कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी इसका असर पड़ेगा, क्योंकि होटल और फूड इंडस्ट्री में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। कारोबारियों का कहना है कि गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो हजारों प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है, जिससे रोजगार और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर पड़ा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ती अनिश्चितता के कारण गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसके साथ ही देश के कई शहरों में मांग अचानक बढ़ जाने से वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

सरकारी एजेंसियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त गैस सिलेंडर बाजार में भेजे जा रहे हैं और आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर होटल और कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल उन्हें राहत नहीं मिल पाई है और संकट अभी भी बरकरार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो यह संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। शादी-समारोहों, बड़े आयोजनों और खाद्य उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि गैस की आपूर्ति कब सामान्य होती है और यह संकट कब खत्म होगा।

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