एबीसी नेशनल न्यूज | वॉशिंगटन/इस्लामाबाद | 19 फरवरी 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिका दौरे पर पहुंचे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य वॉशिंगटन में आयोजित “बोर्ड ऑफ पीस” की पहली बैठक में भाग लेना बताया जा रहा है, जहां वैश्विक संघर्षों, खासकर गाजा से जुड़े मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा होनी है।
सूत्रों के अनुसार इस मंच का दायरा अब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों पर बातचीत के लिए विस्तारित किया गया है। पाकिस्तान ने इस पहल में शामिल होने को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक भूमिका मजबूत करने की कोशिश बताया है और कहा है कि वह अन्य इस्लामी देशों के साथ मिलकर इस प्रक्रिया का हिस्सा बना है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में प्रगति और टैरिफ में राहत की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत-अमेरिका नजदीकी के बीच पाकिस्तान अपनी कूटनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने और वॉशिंगटन के साथ संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
बताया जा रहा है कि शहबाज शरीफ अपने दौरे के दौरान अमेरिकी नेतृत्व और अन्य देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। इसमें आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंध पिछले कुछ समय से ऊर्जा सहयोग, रक्षा समझौतों और कूटनीतिक संपर्कों के चलते फिर सक्रिय होते दिख रहे हैं। ऐसे में यह दौरा केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति और शक्ति संतुलन से भी जुड़ा माना जा रहा है।
इस यात्रा ने भारत-अमेरिका संबंध, पाकिस्तान की कूटनीतिक रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में बैठक के परिणाम और संभावित समझौतों से यह साफ हो पाएगा कि अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों में यह मुलाकात कितनी निर्णायक साबित होती है।




