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WATCH VIDEO — राहुल गांधी : भारत का डेटा देश की सबसे बड़ी संपत्ति, सौदा हमारी शर्तों पर होना चाहिए

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत के लोगों से पैदा हुआ डेटा आज देश की सबसे बड़ी संपत्ति है और इसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में “मुफ़्त में” नहीं दिया जा सकता।

राहुल गांधी ने कहा, “भारत के लोग हमारी शक्ति हैं और इस शक्ति से पैदा हुआ डेटा देश की सबसे बड़ी पूंजी है। अगर INDIA गठबंधन की सरकार Donald Trump के साथ कोई डील कर रही होती, तो यह संपत्ति मुफ्त में अमेरिका के नाम नहीं होती। समझौता बराबरी से होता, सौदा हमारी शर्तों पर होता और फायदा भारत का होता।”

‘डेटा संप्रभुता’ पर जोर

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्रॉस-बॉर्डर डेटा फ्लो को लेकर वैश्विक स्तर पर नई नीतियां बन रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों का डेटा केवल तकनीकी संसाधन नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक ताकत है।

उनका आरोप है कि सरकार बड़े देशों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौतों में पारदर्शिता नहीं बरत रही। उन्होंने मांग की कि किसी भी डेटा-संबंधी अंतरराष्ट्रीय करार को संसद में रखा जाए और उस पर विस्तृत बहस हो।

सरकार पर ‘बराबरी के समझौते’ का दबाव

राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसे बड़े बाजार और युवा आबादी वाले देश को बराबरी की शर्तों पर बातचीत करनी चाहिए। “हम भी एक बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हमारी शर्तें, हमारी प्राथमिकताएं और हमारे लोगों का हित सर्वोपरि होना चाहिए,” उन्होंने कहा।

सियासी पारा चढ़ा

राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समझौते में भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा।

वहीं विपक्ष का आरोप है कि डिजिटल डेटा और नई तकनीकों के मामले में सरकार स्पष्ट नीति और जवाबदेही से बच रही है।

डिजिटल युग में डेटा को “नया तेल” माना जा रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका संबंधों और डेटा नीति पर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर सकता है।

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