एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026
दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की जानी-मानी समाचार वाचिका Sarla Maheshwari का 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। 1980 और 1990 के दशक में हिंदी समाचार बुलेटिन का चेहरा रहीं सरला माहेश्वरी अपनी शांत, संयमित और स्पष्ट प्रस्तुति के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन की खबर के बाद मीडिया जगत और दूरदर्शन के पुराने दर्शकों में शोक की लहर है।
सरला माहेश्वरी ने 1976 से 2005 तक दूरदर्शन में लंबी पारी खेली। उस दौर में जब देश में टीवी पत्रकारिता सीमित चैनलों तक सिमटी थी और Doordarshan ही समाचारों का मुख्य स्रोत था, उनकी आवाज़ हर घर में पहचानी जाती थी। उन्होंने कई ऐतिहासिक घटनाओं की कवरेज की, जिनमें 1982 एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण और 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या से जुड़ी खबरें शामिल थीं।
उनके पूर्व सहकर्मी और प्रसिद्ध समाचार वाचक Shammi Narang ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि सरला माहेश्वरी गरिमा और सौम्यता की प्रतीक थीं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा पर अद्भुत पकड़ थी और दूरदर्शन स्क्रीन पर उनकी उपस्थिति का एक अलग ही आभा था।
सरला माहेश्वरी को उनके सधे हुए उच्चारण, शुद्ध हिंदी और संतुलित प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा। वह उस दौर की प्रतिनिधि थीं जब समाचार वाचन में शालीनता, सटीकता और संयम सर्वोपरि माना जाता था।
परिवार ने उनकी अंतिम यात्रा को निजी रखने का अनुरोध किया है। आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा।
सरला माहेश्वरी का जाना भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के एक युग का अंत माना जा रहा है—एक ऐसा युग, जिसमें खबरें सिर्फ पढ़ी नहीं जाती थीं, बल्कि विश्वास के साथ घर-घर तक पहुंचती थीं।





