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प्रिंस एंड्रयू पर नए आरोपों से ब्रिटेन में हलचल

प्रिंस एंड्रयू पर नए आरोपों से ब्रिटेन में हलचल, एप्सटीन को गोपनीय व्यापारिक दस्तावेज़ देने का संदेह

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एबीसी नेशनल न्यूज | लंदन | 10 फरवरी 2026

ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़े एक पुराने लेकिन बेहद संवेदनशील विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बकिंघम पैलेस ने कहा है कि वह Prince Andrew से जुड़े किसी भी संभावित पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। यह बयान उस समय आया है, जब सामने आए ईमेल्स में संकेत मिले हैं कि किंग चार्ल्स के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू ने कुख्यात यौन अपराधी Jeffrey Epstein के साथ ब्रिटेन के गोपनीय व्यापारिक दस्तावेज़ साझा किए हो सकते हैं।

इन ईमेल्स के सामने आने के बाद ब्रिटेन की राजनीति और राजशाही—दोनों में खलबली मच गई है। आरोप अगर सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल व्यक्तिगत रिश्तों या नैतिक चूक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़ा गंभीर सवाल बन सकता है। ब्रिटिश मीडिया में इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि क्या एक शाही सदस्य ने अपने पद और पहुंच का दुरुपयोग किया।

बकिंघम पैलेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शाही परिवार कानून से ऊपर नहीं है और यदि पुलिस या किसी जांच एजेंसी को किसी तरह की पूछताछ या सहयोग की आवश्यकता होती है, तो वह दिया जाएगा। हालांकि, बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि फिलहाल किसी जांच के नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। फिर भी, पैलेस का यह रुख यह दर्शाता है कि मामला अब केवल अफवाहों तक सीमित नहीं रहा।

प्रिंस एंड्रयू पहले ही एप्सटीन से नज़दीकी संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। एप्सटीन से जुड़े यौन शोषण मामलों के बाद उन्हें सार्वजनिक जीवन से लगभग अलग कर दिया गया था और उनकी शाही जिम्मेदारियां भी छीन ली गई थीं। अब अगर गोपनीय सरकारी दस्तावेज़ साझा करने जैसे आरोप जुड़ते हैं, तो यह उनके लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला ब्रिटेन की संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही की भी परीक्षा है। सवाल उठ रहा है कि क्या शाही पद पर बैठे लोगों की गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी होती है, और अगर नहीं, तो इसमें सुधार की ज़रूरत क्यों नहीं महसूस की गई। विपक्षी सांसदों ने मांग की है कि अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो पूरी जांच सार्वजनिक रूप से और बिना किसी विशेष छूट के की जानी चाहिए।

एप्सटीन मामला पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सत्ता, धन और अपराध के खतरनाक गठजोड़ का प्रतीक बन चुका है। अमेरिका से लेकर यूरोप तक, कई प्रभावशाली नाम इस नेटवर्क से जुड़कर सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रिंस एंड्रयू पर लगे नए आरोप इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इस नेटवर्क के प्रभाव कितने गहरे और व्यापक हो सकते हैं।

फिलहाल, ब्रिटेन की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पुलिस औपचारिक जांच शुरू करती है और यदि करती है, तो वह किस दिशा में आगे बढ़ती है। इतना तय है कि यह मामला शाही परिवार की छवि, ब्रिटिश लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून के समान अनुप्रयोग—तीनों के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।

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