एबीसी नेशनल न्यूज | सिडनी/कैनबरा | 10 फरवरी 2026
ऑस्ट्रेलिया में इजरायल की नीतियों के खिलाफ गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा। इजरायली राष्ट्रपति Isaac Herzog की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान सिडनी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जो देखते-ही-देखते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में बदल गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इजरायल गाजा और फिलिस्तीन में लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और ऐसे समय में इजरायली राष्ट्रपति का स्वागत करना नैतिक रूप से गलत है।
सिडनी के कई इलाकों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। हाथों में फिलिस्तीन के झंडे, बैनर और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी इजरायल के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे थे। उनका कहना था कि ऑस्ट्रेलिया जैसे लोकतांत्रिक देश को ऐसे नेता की मेजबानी नहीं करनी चाहिए, जिसकी सरकार पर युद्ध अपराध और आम नागरिकों पर अत्याचार के गंभीर आरोप लगे हों। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।
झड़पों के बाद ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने बयान जारी कर शांति बनाए रखने की अपील की। प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के नेताओं ने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें शांतिपूर्ण रहना चाहिए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब सरकारें और वैश्विक ताकतें आंखें बंद कर लेती हैं, तब सड़कों पर उतरना ही उनकी आख़िरी आवाज़ बचती है। कई मानवाधिकार समूहों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती न्यायसंगत नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इजरायल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार संरक्षण मिलता रहा है, जबकि गाजा में हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की मौतों की खबरें सामने आने के बावजूद वैश्विक शक्तियां केवल “संयम” की अपील तक सीमित हैं। ऐसे में Australia में इजरायली राष्ट्रपति की यात्रा को उन्होंने “जख्मों पर नमक छिड़कने” जैसा बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विरोध केवल एक यात्रा के खिलाफ नहीं है, बल्कि पश्चिमी देशों की उस नीति के खिलाफ है, जिसमें इजरायल को जवाबदेही से बाहर रखा जाता है। ऑस्ट्रेलिया में फिलिस्तीन समर्थक आंदोलन पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है और युवाओं, छात्रों तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भागीदारी इसमें बढ़ी है। सिडनी की सड़कों पर हुआ यह टकराव इसी बढ़ते असंतोष की झलक माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, इजरायली राष्ट्रपति की ऑस्ट्रेलिया यात्रा ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया के कई हिस्सों में इजरायल की नीतियों के खिलाफ गुस्सा अब दबा हुआ नहीं है। शांति की अपीलों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय केवल कानून-व्यवस्था की चिंता करेगा, या फिर उन मूल कारणों पर भी ध्यान देगा, जिनकी वजह से लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं।




