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पाकिस्तान लिंक आरोप पर गौरव गोगोई का पलटवार, हिमंता सरमा पर सीधा हमला

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026

असम की राजनीति में एक बार फिर तीखा सियासी टकराव सामने आया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद Gaurav Gogoi ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा लगाए गए पाकिस्तान से कथित लिंक के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। गोगोई ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और चुनावी माहौल में फैलाया गया राजनीतिक प्रपंच बताते हुए कहा कि बीजेपी नेतृत्व जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

गौरव गोगोई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई ठोस सबूत अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मामला वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, तो इसे चुनाव के ठीक पहले ही क्यों उछाला गया। गोगोई के अनुसार, यह पूरा विवाद एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, ताकि सरकार की नाकामियों—बेरोज़गारी, महंगाई और असम में बिगड़ती कानून-व्यवस्था—से जनता का ध्यान हटाया जा सके।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से उनकी पत्नी को इस विवाद में घसीटा, वह निजी जीवन पर हमला है और भारतीय राजनीति की गरिमा के खिलाफ है। गोगोई ने स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी का विदेश में काम करना किसी भी तरह से अवैध या संदिग्ध नहीं है और न ही इसका कोई राजनीतिक या सुरक्षा से जुड़ा पहलू है। उन्होंने इसे चरित्र हनन की कोशिश बताते हुए कहा कि ऐसे हथकंडे लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से दावा किया गया है कि इस मामले को लेकर एक विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट तैयार की गई है और इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि यह आरोपों की राजनीति है, न कि तथ्यों पर आधारित कोई गंभीर जांच। पार्टी ने मांग की है कि अगर सरकार के पास कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा इस तरह के बयानबाज़ी से बचा जाए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद असम की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी समीकरणों से गहराई से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी हर चुनाव से पहले राष्ट्रवाद और सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को उछालकर विरोधियों को बदनाम करने की रणनीति अपनाती है। वहीं, कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक मर्यादा से जोड़कर सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

कुल मिलाकर, गौरव गोगोई और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत दे रहा है। अब देखना यह है कि यह मामला जांच और तथ्यों तक पहुंचता है या फिर चुनावी शोर में एक और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बनकर रह जाता है।

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