एबीसी नेशनल न्यूज | 30 जनवरी 2026
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चाएं तेज हैं कि सुनेत्रा पवार को राज्य का नया डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो सबसे अहम सवाल उनकी राज्यसभा सदस्यता को लेकर खड़ा हो गया है। सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार, कोई भी सांसद एक साथ संसद सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री या उपमुख्यमंत्री नहीं रह सकता। ऐसे में डिप्टी सीएम बनने की स्थिति में उन्हें राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा।
उनके इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र से राज्यसभा की एक सीट खाली हो जाएगी। अब इस सीट पर किसे भेजा जाएगा, इसका फैसला पार्टी और गठबंधन के स्तर पर किया जाएगा। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में पार्टी अपने किसी वरिष्ठ नेता या राजनीतिक रूप से भरोसेमंद चेहरे को राज्यसभा भेजती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ एक पद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महाराष्ट्र की सत्ता संरचना और राजनीतिक संतुलन पर भी असर पड़ेगा। सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने से राज्य की राजनीति में नया संकेत जाएगा और इसके दूरगामी प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल सबकी नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं—कि सुनेत्रा पवार को कब जिम्मेदारी सौंपी जाती है और उनकी जगह राज्यसभा में किसे मौका मिलता है।




