एबीसी नेशनल न्यूज 30 जनवरी 2026
नई दिल्ली। कांग्रेस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 79वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बापू के आदर्श न्याय और शांति की राह पर देश को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। कांग्रेस के अनुसार, बापू का बलिदान स्वतंत्रता के यज्ञ की पूर्णाहुति था—उनकी प्रार्थनामय काया ने नफ़रत की तीन गोलियों को रोककर साम्प्रदायिक साज़िश को विफल किया। संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष है—एक ओर नफ़रत और हिंसा, दूसरी ओर मोहब्बत और भाईचारा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस देशद्रोही गिरोह के कायरतापूर्ण कृत्य ने आज़ादी के बाद देश की रौशनी छीनने की कोशिश की, उसी ने आज़ादी की लड़ाई को कमज़ोर करने हेतु अंग्रेज़ी हुकूमत का साथ दिया था।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आज़ादी के बाद भी उस साम्प्रदायिक गिरोह ने स्वतंत्रता संग्राम, उसके सेनानियों, वैचारिक मूल्यों और विरासत का षड्यंत्रपूर्वक अपमान किया। उन्हें यह भ्रांति थी कि ‘राष्ट्रपिता’ के नश्वर शरीर को मिटाकर उनके विचारों को भी मिटाया जा सकता है—और अब वही भ्रम उनके नाम व लोक-स्मृति को मिटाने का अनुमान लगाए बैठा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी दुनिया जिस महापुरुष के विचार-दर्शन के आगे नतमस्तक है, उसकी महानता किसी कृतघ्न गिरोह की क्षुद्रता से कम नहीं होती; बापू संसार के क्षितिज पर दैदीप्यमान सूर्य की भांति हैं।
कांग्रेस ने स्मरण कराया कि महात्मा गांधी वंचितों की झोपड़ियों में रहे, उन्हीं जैसे वस्त्र पहने और उन्हीं की भाषा में संवाद किया। वे घृणा के बीच प्रेम, प्रतिशोध के बीच क्षमा बनकर जिए। उनकी विरासत साहस है, उनका ध्वज सत्य है और उनका शस्त्र प्रेम। उन्होंने सीमाओं से परे मानवतावाद, आध्यात्मिक एकता और अहिंसा के सिद्धांत को साहसपूर्वक विश्व के सामने रखा।
अंत में पार्टी ने कहा कि गांधीजी हर उस चीज़ में जीवित हैं जो सत्य और कल्याणकारी है—और वे युगों-युगों तक जीवित रहेंगे। उनकी 79वीं पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।




