सुमन कुमार | नई दिल्ली 5 जनवरी 2026
आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को IRCTC घोटाले के मामले में फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सीबीआई से इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है, लेकिन अभी आरोपों पर रोक लगाने या लालू यादव को राहत देने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के कुछ ठेकों में नियमों को नजरअंदाज किया गया और बदले में उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। इसी मामले में निचली अदालत ने लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसे लालू यादव ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
लालू यादव की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं और जांच में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना है कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, इसलिए आरोप तय करना गलत है। वहीं, सीबीआई का रुख अब तक यही रहा है कि जांच पूरी तरह कानूनी तरीके से की गई है और आरोप तय करने का फैसला सही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फिलहाल सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इसका मतलब यह है कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से सुनना चाहती है और सभी तथ्यों को समझने के बाद ही कोई फैसला लेगी। अगली सुनवाई में सीबीआई को अपनी दलीलें पेश करनी होंगी, जिसके बाद कोर्ट तय करेगा कि आरोपों को रद्द किया जाए या मामला आगे चले।
अभी लालू प्रसाद यादव को IRCTC स्कैम में कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने सिर्फ इतना किया है कि सीबीआई से जवाब मांगा है। अब आगे की सुनवाई में ही साफ होगा कि लालू यादव को इस मामले में राहत मिलती है या कानूनी मुश्किलें और बढ़ती हैं।




