सुमन कुमार | नई दिल्ली 30 दिसंबर 2025
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने देशभर में रहने वाले पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के लोगों की सुरक्षा को लेकर एक अहम और संवेदनशील मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा के लिए एक विशेष पुलिस यूनिट काम कर रही है, उसी तर्ज पर अन्य राज्यों में भी ऐसी इकाइयों का गठन किया जाना चाहिए। किरण रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि पूर्वोत्तर से आने वाले लोग पढ़ाई, नौकरी और व्यापार के सिलसिले में देश के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं, लेकिन कई बार उन्हें नस्लीय भेदभाव, दुर्व्यवहार और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि वे दिल्ली मॉडल को अपनाएं, जहां एक समर्पित पुलिस यूनिट पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई करती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं है, बल्कि सम्मान, भरोसे और राष्ट्रीय एकता से जुड़ा मुद्दा है। देश के हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी राज्य या समुदाय से हो, सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है। विशेष पुलिस यूनिट बनने से शिकायतों की त्वरित सुनवाई होगी और पीड़ितों को न्याय मिलने में आसानी होगी।
केंद्रीय मंत्री का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से न सिर्फ अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि समाज में भरोसा और आपसी सम्मान भी मजबूत होगा। उनके इस बयान को पूर्वोत्तर समुदाय के हित में एक सकारात्मक और जरूरी कदम के रूप में देखा जा रहा है।




