संजीव कुमार । नई दिल्ली 17 दिसंबर 2025
अबू धाबी के एतिहाद एरीना में सजी IPL 2026 ऑक्शन की महफ़िल इस बार सिर्फ रिकॉर्ड और रक़म तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आने वाले वर्षों की IPL राजनीति और टीमों की सोच का आईना बन गई। जैसे-जैसे ऑक्शनर की हथौड़ी की आवाज़ तेज़ होती गई, वैसे-वैसे साफ़ होता गया कि फ्रेंचाइज़ियां अब केवल बड़े नामों के पीछे नहीं भाग रहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों पर दांव लगा रही हैं जो मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। इसी उफान के बीच ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के नाम पर जब 25.20 करोड़ रुपये की बोली लगी, तो ऑक्शन हॉल में कुछ पलों के लिए सन्नाटा छा गया और अगले ही पल सोशल मीडिया पर शोर मच गया। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ग्रीन को खरीदकर न सिर्फ IPL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी का ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बनाया, बल्कि यह भी जता दिया कि वह अगले चक्र में खिताब के लिए पूरी ताक़त झोंकने को तैयार है।
KKR की रणनीति शुरुआत से ही आक्रामक और साफ़ दिखी। 64.30 करोड़ रुपये के सबसे बड़े पर्स के साथ उतरी तीन बार की चैंपियन टीम ने कुल 62.95 करोड़ रुपये खर्च कर यह संकेत दे दिया कि वह सुरक्षित खेल नहीं, बल्कि बड़ा खेल खेलने आई है। ग्रीन के अलावा KKR ने श्रीलंका के यॉर्कर स्पेशलिस्ट मथीशा पथिराना को 18 करोड़ रुपये में दोबारा अपने साथ जोड़कर गेंदबाज़ी आक्रमण को और घातक बनाया। रचिन रविंद्र, फिन एलन जैसे इंटरनेशनल टैलेंट और घरेलू युवा खिलाड़ियों के मिश्रण से KKR ने एक ऐसी टीम की नींव रखी है, जिसमें पावर, एथलेटिसिज़्म और भविष्य—तीनों का संतुलन साफ़ नज़र आता है।
लेकिन ऑक्शन की सबसे चौंकाने वाली कहानी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लिखी। वर्षों तक ‘डैड्स आर्मी’ कहे जाने वाले चेन्नई ने इस बार पूरी तरह रणनीतिक यू-टर्न लेते हुए युवाओं पर बड़ा और साहसी दांव खेला। अनकैप्ड खिलाड़ियों प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा पर 14.20-14.20 करोड़ रुपये खर्च कर CSK ने हर किसी को हैरान कर दिया। कुल 28.40 करोड़ रुपये सिर्फ दो अनकैप्ड नामों पर—यह IPL इतिहास में एक नई मिसाल है। इसके साथ ही सरफराज़ खान (75 लाख), राहुल चाहर (5.20 करोड़) और मैट हेनरी (2 करोड़) जैसी समझदार ख़रीदारियों ने यह साफ़ कर दिया कि चेन्नई अब अनुभव और युवा जोश—दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की योजना बना चुकी है।
सनराइजर्स हैदराबाद ने भी इस ऑक्शन में अपनी मौजूदगी दमदार ढंग से दर्ज कराई। इंग्लैंड के विस्फोटक ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन को 13 करोड़ रुपये में खरीदकर SRH ने अपने मिडिल ऑर्डर में वह आग जोड़ी, जो बड़े मुकाबलों में खेल का रुख पलट सकती है। दिल्ली कैपिटल्स ने जम्मू-कश्मीर के ऑलराउंडर औक़िब नबी पर 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर घरेलू क्रिकेट के उभरते सितारों पर भरोसा जताया, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने रवि बिश्नोई (7.20 करोड़) के ज़रिये अपने युवा स्पिन कोर को और मज़बूत किया। मुंबई इंडियंस और RCB ने अपेक्षाकृत संतुलित रणनीति अपनाई, लेकिन एक्सीलरेटेड राउंड में स्मार्ट पिक्स के ज़रिये अपने स्क्वॉड पूरे किए।
आंकड़ों के लिहाज़ से भी यह ऑक्शन ऐतिहासिक रहा। सभी 10 टीमों ने अपने-अपने 25 स्लॉट भर लिए और कुल मिलाकर 215.45 करोड़ रुपये खर्च हुए। हालांकि, इस चकाचौंध के बीच कुछ बड़े नाम अनसोल्ड भी रहे—दीपक हुड्डा, प्रिथ्वी शॉ और माइकल ब्रेसवेल जैसे खिलाड़ियों का न बिकना इस बात का संकेत है कि फ्रेंचाइज़ियां अब सिर्फ प्रतिष्ठा या पुराने रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और टीम की सटीक ज़रूरतों के आधार पर फैसले ले रही हैं।
कुल मिलाकर, IPL 2026 ऑक्शन ने यह साफ़ कर दिया है कि लीग अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। एक तरफ 25.20 करोड़ की रिकॉर्ड बोली भविष्य के सुपरस्टार पर भरोसे का प्रतीक है, तो दूसरी तरफ 30 लाख से 14 करोड़ तक छलांग लगाने वाले अनकैप्ड खिलाड़ी यह बताते हैं कि घरेलू क्रिकेट अब IPL की असली रीढ़ बन चुका है। अब असली इम्तिहान मैदान पर होगा—क्या कैमरून ग्रीन KKR की इस ऐतिहासिक निवेश को ट्रॉफी में बदल पाएंगे, और क्या CSK के युवा सितारे अगले धोनी-युग की मजबूत नींव रखेंगे? क्रिकेट प्रेमियों को अब इन सवालों के जवाब के लिए बस पहले मैच का इंतज़ार है।




