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BioAsia 2025 में ऐलान: भारत में बनेगा Amgen का विश्वस्तरीय AI रिसर्च सेंटर

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अमेरिका की अग्रणी जैव-फार्मास्युटिकल कंपनी Amgen ने भारत में अपने विस्तार की बड़ी घोषणा की है। हैदराबाद में आयोजित BioAsia 2025 सम्मेलन के दौरान Amgen ने $200 मिलियन (लगभग ₹1,650 करोड़) के निवेश से AI आधारित दवा अनुसंधान और विकास केंद्र खोलने का ऐलान किया। इस सम्मेलन में Eli Lilly, Novartis और भारत की Sun Pharma व Dr. Reddy’s जैसी शीर्ष फार्मा कंपनियों की मौजूदगी ने इस कदम को और प्रतिष्ठित बना दिया।

यह केंद्र AI-सहायित दवा खोज, डीप-लर्निंग मॉडल पर आधारित औषधि विकास, और जीन-आधारित उपचार विधियों को सशक्त करने की दिशा में काम करेगा।

Amgen का यह निर्णय केवल एक व्यवसायिक विस्तार नहीं, बल्कि भारत को एक वैश्विक फार्मा-इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में रणनीतिक पहल माना जा रहा है। कंपनी के अनुसार, यह केंद्र न केवल भारत में अत्याधुनिक रिसर्च को गति देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर दुर्लभ बीमारियों और जटिल जैविक विकारों के लिए नवाचार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

रोज़गार, रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का नया द्वार

Amgen के इस निवेश से न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा, बल्कि रोज़गार के अवसरों में भी बूम देखा जाएगा। वर्तमान में 300 कर्मचारियों के साथ कार्य कर रहे अमजेन इंडिया का लक्ष्य 2025 के अंत तक यह संख्या बढ़ाकर 2,000 से अधिक करना है। इसमें डेटा वैज्ञानिक, एआई शोधकर्ता, बायोइन्फॉर्मैटिक्स विशेषज्ञ, और क्लिनिकल ट्रायल इंजीनियर जैसे विविध प्रोफाइल के लिए नियुक्तियाँ होंगी।

यह केंद्र AI और Life Sciences के संगम पर आधारित होगा, जो जेनेटिक कोड, प्रोटीन इंटरैक्शन, रोग-प्रवृत्ति मॉडलिंग, और व्यक्तिगत चिकित्सा (personalized medicine) में गहरी प्रगति लाने में सक्षम होगा। विशेष रूप से यह कदम कैंसर, ऑटोइम्यून रोगों, और न्यूरोलॉजिकल विकारों के उपचार हेतु नए मार्ग खोलेगा।

हैदराबाद, जिसे पहले से ही Genome Valley के नाम से जाना जाता है, अब इस परियोजना के कारण “AI in Biopharma” का एपिसेंटर बन सकता है। तेलंगाना सरकार ने Amgen को विशेष इकोनॉमिक ज़ोन में स्थान और बुनियादी ढांचे की सहूलियतें प्रदान की हैं, जिससे यह तेजी से कार्यशील हो सकेगा।

भारत-अमेरिका तकनीकी संबंधों का नया अध्याय

Amgen की यह घोषणा न केवल एक फार्मा निवेश की कहानी है, बल्कि भारत-अमेरिका के तकनीकी सहयोग की भी प्रतीक है। BioAsia 2025 के मंच पर, भारत और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने तकनीकी हस्तांतरण, बौद्धिक संपदा संरक्षण, और व्यापार सहयोग को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इनमें एक प्रमुख समझौता AI बेस्ड दवा पेटेंट्स की साझा समीक्षा प्रणाली का भी है, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थाओं को वैश्विक पेटेंट बाज़ार में प्रवेश सुगम हो जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अमजेन जैसे वैश्विक फार्मा लीडर का बड़ा निवेश यह दिखाता है कि भारत अब केवल ‘बैक ऑफिस’ नहीं, बल्कि ‘ब्रेन हब’ बन रहा है। नीति आयोग और डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स ने इस साझेदारी को “21वीं सदी की चिकित्सा क्रांति का द्वार” कहा है।

Amgen का यह AI दवा विकास केंद्र न केवल विज्ञान, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी का मेल है, बल्कि यह भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में अग्रणी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है। यह अवसर भारत के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और डॉक्टरों के लिए भविष्य की चिकित्सा गाथा लिखने जैसा है।

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