सुमन कुमार । नई दिल्ली 16 दिसंबर 2025
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने अब बच्चों की पढ़ाई को भी सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जहरीली हवा और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार के निर्देशानुसार अब इन कक्षाओं की पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएगी, ताकि छोटे बच्चों को प्रदूषण से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सके।
शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि यह निर्णय बिना किसी अपवाद के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। पहले जहां हाइब्रिड मॉडल यानी ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों विकल्प खुले रखे गए थे, वहीं अब बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ऑफलाइन कक्षाओं को पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि प्राथमिक स्तर के बच्चे प्रदूषण के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।
दिल्ली-NCR में पिछले कई दिनों से AQI लगातार ‘गंभीर’ और कई इलाकों में ‘खतरनाक’ श्रेणी में बना हुआ है। सुबह और शाम के समय स्मॉग की मोटी परत के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है और सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन तथा गले में खराश जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी बच्चों को घर के भीतर रखने, बाहर की गतिविधियों से बचाने और मास्क के इस्तेमाल की सलाह दी है, जिसके बाद सरकार पर स्कूल बंद करने का दबाव और बढ़ गया था।
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 को लागू किया गया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर सख्ती, भारी वाहनों की एंट्री पर रोक, आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी और स्कूलों में खुले मैदान में होने वाली सभी गतिविधियों को बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन कक्षाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और बच्चों को नियमित पढ़ाई से जोड़े रखा जाए।
सरकार के इस फैसले से जहां अभिभावकों को बच्चों की सेहत को लेकर कुछ राहत मिली है, वहीं ऑनलाइन पढ़ाई की मजबूरी ने एक बार फिर डिजिटल संसाधनों, नेटवर्क और अभिभावकीय सहयोग से जुड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं। कई माता-पिता का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए लंबे समय तक स्क्रीन पर पढ़ाई कर पाना आसान नहीं होता, लेकिन मौजूदा हालात में यह एक मजबूरी बन चुका है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रदूषण के स्तर में ठोस सुधार नहीं होता, तब तक कक्षा 5वीं तक के स्कूल ऑफलाइन नहीं खोले जाएंगे। स्थिति की रोजाना समीक्षा की जा रही है और हालात सामान्य होने पर ही अगला फैसला लिया जाएगा। सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें और स्वास्थ्य से जुड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।




