एबीसी डेस्क 14 दिसंबर 2025
अखरोट केवल एक सूखा मेवा नहीं, सेहत का चलता-फिरता खजाना है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अखरोट को अगर सही समय और सही तरीके से खाया जाए तो यह शरीर और दिमाग—दोनों के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं। ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी विटामिन-मिनरल्स से भरपूर अखरोट पाचन को दुरुस्त रखने से लेकर दिमाग को तेज करने और रात की नींद सुधारने तक में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि आयुर्वेद से लेकर आधुनिक न्यूट्रिशन तक, अखरोट को “ब्रेन फूड” कहा जाता है।
पाचन के लिए वरदान
आजकल अनियमित खान-पान और तनाव के कारण पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। अखरोट में मौजूद डायटरी फाइबर आंतों की सेहत को बेहतर बनाता है और कब्ज, गैस व एसिडिटी जैसी दिक्कतों से राहत दिलाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर सुबह खाली पेट या रात को भिगोकर अखरोट खाया जाए, तो यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। इससे भोजन का पाचन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस करता है।
एनर्जी का पावरहाउस
दिनभर थकान, सुस्ती या कमजोरी महसूस होती है? अखरोट इसका प्राकृतिक समाधान हो सकता है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। खास बात यह है कि अखरोट से मिलने वाली ऊर्जा अचानक नहीं घटती, बल्कि धीरे-धीरे रिलीज होती है, जिससे दिनभर एक्टिव बने रहने में मदद मिलती है। ऑफिस जाने वालों, छात्रों और शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए अखरोट एक बेहतरीन नेचुरल एनर्जी बूस्टर माना जाता है।
दिमाग के लिए ‘सुपरफूड’
अखरोट का आकार ही दिमाग जैसा होता है और संयोग नहीं, बल्कि विज्ञान भी इसकी पुष्टि करता है। इसमें पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट याददाश्त को तेज करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है। रिसर्च बताती है कि नियमित रूप से अखरोट खाने से ब्रेन फंक्शन बेहतर होता है और उम्र के साथ होने वाली याददाश्त की कमजोरी का खतरा भी कम हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों—दोनों के लिए अखरोट खास तौर पर फायदेमंद माना जाता है।
गहरी और सुकून भरी नींद का राज
अगर रात में नींद नहीं आती या बार-बार नींद टूटती है, तो अखरोट आपकी मदद कर सकता है। अखरोट में मेलाटोनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो नींद के चक्र को नियंत्रित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात को सोने से करीब एक घंटे पहले 1-2 अखरोट खाने से दिमाग शांत होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। तनाव और बेचैनी कम होने से नींद गहरी और सुकूनभरी आती है।
कब और कैसे करें सेवन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अखरोट को रात में भिगोकर सुबह खाना सबसे बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे इसके पोषक तत्व आसानी से शरीर में अवशोषित होते हैं। वहीं, अच्छी नींद के लिए रात में सीमित मात्रा में अखरोट खाना भी फायदेमंद है। ध्यान रहे, मात्रा संतुलित हो—दिन में 2 से 4 अखरोट पर्याप्त माने जाते हैं, क्योंकि ज्यादा सेवन से कैलोरी बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, अखरोट एक ऐसा सुपरफूड है जो शरीर, दिमाग और नींद—तीनों पर एक साथ काम करता है। अगर आप बेहतर पाचन, दिनभर की एनर्जी और रात की गहरी नींद चाहते हैं, तो अखरोट को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाइए। कुछ ही दिनों में इसका असर खुद महसूस करेंगे—वही असर, जिसे लोग ‘चमत्कार’ कह रहे हैं।




