एबीसी डेस्क 29 नवंबर 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अपनी आक्रामक नीति को एक नए, खतरनाक मोड़ पर पहुँचा दिया है। शनिवार को ट्रंप ने अचानक घोषणा की कि वेनेजुएला और उसके आसपास के एयरस्पेस को पूरी तरह बंद माना जाए। यह आदेश केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि उस बढ़ते अमेरिकी दबाव की अगली कड़ी है जो पिछले कई महीनों से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर लागू किया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन पहले ही मादुरो शासन को “अवैध सरकार” घोषित कर चुका है, और हालिया आदेश के बाद अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं—क्या अमेरिका वेनेजुएला पर सीधी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “सभी एयरलाइंस, पायलट, ड्रग डीलर्स और मानव तस्करों को सूचित किया जाता है कि वेनेजुएला के ऊपर और उसके आसपास का एयरस्पेस पूर्ण रूप से बंद है।” यह भाषा न केवल असाधारण रूप से कठोर है बल्कि यह संकेत देती है कि अमेरिका क्षेत्र में किसी बड़े सैन्य अभियान की ज़मीन तैयार कर चुका है। विशेष बात यह है कि इस आदेश पर वेनेजुएला के संचार मंत्री और अमेरिकी रक्षा विभाग दोनों ने चुप्पी साध ली है। इस चुप्पी ने कूटनीतिक हलकों में और भी ज्यादा तनाव पैदा कर दिया है, क्योंकि अक्सर ऐसे मौकों पर दोनों देश कम-से-कम औपचारिक प्रतिक्रिया देते हैं।
इस पूरी स्थिति का पृष्ठभूमि भी उतना ही विस्फोटक है। कैरेबियन सागर में अमेरिकी नेवी महीनों से ड्रग बोट्स पर हमले कर रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सेना की गतिविधियाँ इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में गुप्त CIA अभियानों को भी अधिकृत कर दिया है। पिछले सप्ताह ट्रंप ने सैन्य सेवा से जुड़े अधिकारियों से कहा था कि “अमेरिका बहुत जल्द वेनेजुएला के संदिग्ध मादक पदार्थों के तस्करों को रोकने के लिए जमीनी कार्रवाई शुरू करेगा।” यह बयान साफ़ इशारा करता है कि व्हाइट हाउस अब कूटनीतिक दबाव की बजाय सैन्य हस्तक्षेप के रास्ते पर बढ़ रहा है।
मादुरो सरकार लंबे समय से अमेरिका पर आरोप लगाती रही है कि वह वेनेजुएला में शासन परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। अब जब एयरस्पेस बंद करने जैसा निर्णय सामने आया है, तो कराकस की चिंताएँ और गहरी हो गई हैं। वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक, राजनीतिक और मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी प्रतिबंधों और अब लगातार बढ़ते सैन्य दबाव ने देश की स्थिरता को और अस्थिर कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, एयरस्पेस बंद करना अक्सर किसी बड़े कदम—जैसे सर्जिकल स्ट्राइक, एयरस्ट्राइक या जमीनी घुसपैठ—से पहले उठाया जाने वाला निर्णय होता है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन आधिकारिक रूप से इस दिशा में कुछ नहीं कह रहा, लेकिन ट्रंप के पिछले निर्णयों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि वे अपने इस आदेश को सिर्फ धमकी तक सीमित रखेंगे।
कैरेबियन, लैटिन अमेरिका और वैश्विक महाशक्तियों के बीच तनाव के इस माहौल में ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को नए संकट की ओर धकेल सकता है। यदि अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया, तो यह न केवल लैटिन अमेरिका की राजनीति को हिला देगा, बल्कि रूस, चीन और कई अन्य देशों के साथ अमेरिका की भू-राजनीतिक भिड़ंत को भी और तीव्र कर देगा—क्योंकि मादुरो शासन को इन शक्तियों का समर्थन प्राप्त है।
ट्रंप के आदेश के बाद दुनिया अब यह देखने के इंतजार में है कि क्या यह सिर्फ एक रणनीतिक दबाव है या युद्ध की तरफ बढ़ता हुआ कदम। लेकिन इतना तय है—वेनेजुएला और कैरेबियन क्षेत्र आने वाले दिनों में वैश्विक सुर्खियों का केंद्र बनने वाले हैं, और अगर ट्रंप ने आक्रामकता बढ़ाई, तो यह संघर्ष पूरी दुनिया की राजनीति को नए दौर में ले जा सकता है।




